सोमनाथ (Mon, 11 May 2026)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुजरात के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भव्य रोडशो के बीच श्री सोमनाथ महादेव ज्योतिर्लिंग में पूजा-अर्चना की और सोमनाथ अमृत महोत्सव के विशेष कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। प्रभास पाटन में आयोजित इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का अनूठा संगम देखने को मिला।
सुबह से ही सोमनाथ मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं और भाजपा समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए सड़क किनारे लोगों की लंबी कतारें नजर आईं। पूरे शहर को विशेष सजावट से संवारा गया था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
11 तीर्थों के जल से हुआ कुंभाभिषेक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर में विशेष महापूजा में भाग लिया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण की रस्में संपन्न हुईं। आयोजन का सबसे आकर्षक क्षण वह रहा जब देश के 11 प्रमुख तीर्थ स्थलों से लाए गए पवित्र जल को मंदिर के शिखर पर अर्पित किया गया।
करीब 90 मीटर ऊंची क्रेन की मदद से मंदिर के शीर्ष पर कलश स्थापित किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह और आस्था साफ दिखाई दे रही थी।
मंदिर के ऊपर वायुसेना का शानदार एयर शो
कुंभाभिषेक के बाद समारोह में रोमांचक दृश्य भी देखने को मिला। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने सोमनाथ मंदिर के ऊपर करीब 15 मिनट तक हवाई करतब दिखाए। आसमान में लड़ाकू विमानों की कलाबाजियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके अलावा चेतक हेलीकॉप्टर से मंदिर परिसर पर पुष्पवर्षा की गई, जिसने पूरे माहौल को और भव्य बना दिया। धार्मिक आयोजन के साथ इस तरह का एयर शो लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा।
सोमनाथ अमृत महोत्सव क्यों है खास?
सोमनाथ अमृत महोत्सव मंदिर के जीर्णोद्धार और पुनः उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है और यह 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है।
स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की पहल पर मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ पहुंचकर सरदार पटेल को पुष्पांजलि भी अर्पित की।
राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी यह आयोजन काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि सोमनाथ मंदिर भारतीय सभ्यता, पुनर्जागरण और आस्था के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
रोडशो में उमड़ा जनसैलाब
सोमनाथ पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शहर में एक भव्य रोडशो भी किया। रास्ते भर लोगों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। कई जगह पारंपरिक लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी रोडशो में शामिल हुए।
दो दिवसीय गुजरात दौरे पर पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी रविवार शाम बेंगलुरु और हैदराबाद के कार्यक्रमों के बाद गुजरात पहुंचे थे। जामनगर में भाजपा समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वहां उन्होंने लाल बंगला में एक जनसभा को भी संबोधित किया।
प्रधानमंत्री की यह गुजरात यात्रा राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सोमनाथ अमृत महोत्सव के जरिए केंद्र सरकार सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई पहचान देने की कोशिश कर रही है।













