हैदराबाद/13 जून 2026। भारतीय सशस्त्र बलों के लिए शनिवार का दिन कई मायनों में ऐतिहासिक और प्रेरणादायक रहा। एक ओर तेलंगाना के दुंडीगल स्थित वायु सेना अकादमी (AFA) में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संयुक्त दीक्षांत परेड का निरीक्षण कर नव नियुक्त अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं, वहीं दूसरी ओर देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के 94 वर्ष पुराने इतिहास में पहली बार महिला अधिकारी कैडेटों का पहला बैच भारतीय सेना का हिस्सा बना।
217वें कोर्स के कैडेट्स को मिली नई जिम्मेदारी
वायु सेना अकादमी में आयोजित 217वें संयुक्त दीक्षांत समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परेड की समीक्षा की। यह समारोह फ्लाइट कैडेटों के प्रशिक्षण के सफल समापन का प्रतीक माना जाता है। इसी के साथ प्रशिक्षु भारतीय वायु सेना में कमीशंड अधिकारी के रूप में अपने सैन्य जीवन की शुरुआत करते हैं।
परेड के दौरान अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सैन्य कौशल का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। रक्षा मंत्री ने नव नियुक्त अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया और देश की सुरक्षा के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।
भविष्य के युद्धों में तकनीक और नवाचार होंगे सबसे बड़े हथियार
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की प्रकृति तेजी से बदल रही है। ऐसे में युवा अधिकारियों को आधुनिक युद्ध प्रणालियों, नई रणनीतियों और उभरती तकनीकों को समझना होगा।
उन्होंने कहा कि आज का दौर केवल पारंपरिक सैन्य ताकत का नहीं, बल्कि तकनीकी श्रेष्ठता और नवाचार का भी है। कई बार अपेक्षाकृत छोटे देश भी उन्नत तकनीक और प्रभावी रणनीति के दम पर बड़ी सैन्य शक्तियों को चुनौती देने में सक्षम हो जाते हैं।
रक्षा मंत्री ने कैडेटों से सीखने की निरंतर प्रक्रिया को अपनाने और हर चुनौती को अवसर में बदलने की अपील की।
IMA के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट्स का बैच हुआ पास आउट
उधर देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड ने इतिहास रच दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में पहली बार नौ महिला अधिकारी कैडेटों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया।
जुलाई 2025 में प्रशिक्षण शुरू करने वाली इन महिला कैडेटों ने अपने पुरुष साथियों के साथ कदम से कदम मिलाकर प्रशिक्षण पूरा किया और परेड में भाग लिया। सैन्य विशेषज्ञ इसे भारतीय सेना में लैंगिक समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहे हैं।
515 कैडेट्स बने भारतीय सेना का हिस्सा
आईएमए में आयोजित वसंत सत्र 2026 की पासिंग आउट परेड में कुल 515 कैडेट्स भारतीय सेना में शामिल हुए। इनमें 9 महिला और 506 पुरुष कैडेट शामिल रहे। इसके अलावा 16 मित्र देशों के 34 विदेशी अधिकारी कैडेटों ने भी प्रशिक्षण पूरा किया, जो अब अपने-अपने देशों की सेनाओं में सेवाएं देंगे।
ऐतिहासिक चेतवुड बिल्डिंग ड्रिल स्क्वायर में आयोजित इस समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। परेड के दौरान सैन्य परंपराओं, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का विशेष प्रदर्शन देखने को मिला।
सशस्त्र बलों में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि महिला अधिकारी कैडेटों का पहला बैच पास आउट होना केवल एक औपचारिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों में बदलती सोच और बढ़ती समान भागीदारी का प्रतीक है। इससे आने वाले वर्षों में सैन्य नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है।











