नई दिल्ली/18 जुलाई 2026: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस भारत के लिए महज राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की ठोस नीति और कार्रवाई का आधार है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ हर आवश्यक कदम उठाने में सक्षम है और इस संकल्प को दुनिया पहले भी देख चुकी है।
नई दिल्ली में स्वदेशी रक्षा उत्पादन से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने वैश्विक मंच पर आतंकवाद को लेकर अपना रुख पूरी स्पष्टता से रखा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर भारत का स्पष्ट संदेश
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आतंकवाद का जवाब केवल सीमाओं तक सीमित रहकर नहीं देगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर आतंकियों और उनके संरक्षकों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि भारत की नीति शब्दों से अधिक कर्म पर आधारित है और देश ने समय-समय पर इसे साबित भी किया है।
रक्षा मंत्री के अनुसार, आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख अब पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार इस दिशा में किसी भी चुनौती से पीछे हटने वाली नहीं है।
ऑपरेशन सिंदूर का किया उल्लेख
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान ने भारत की सैन्य तैयारी, तकनीकी क्षमता और निर्णायक कार्रवाई की ताकत को दुनिया के सामने रखा।
गौरतलब है कि मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत जवाबी सैन्य कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी।
स्वदेशी रक्षा तकनीक की ताकत का उदाहरण
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आधुनिक तकनीक आधारित युद्ध क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण था। उन्होंने बताया कि इस अभियान में आकाशतीर, आकाश मिसाइल प्रणाली, ब्रह्मोस मिसाइल सहित कई अत्याधुनिक स्वदेशी रक्षा प्रणालियों और उपकरणों का प्रभावी उपयोग किया गया।
उन्होंने कहा कि इस अभियान ने साबित किया कि भारत आज अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है और स्वदेशी तकनीक पर भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।
रक्षा आत्मनिर्भरता पर सरकार का जोर
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। उनके अनुसार यदि कोई देश हथियार, गोला-बारूद, मिसाइल, रडार, ड्रोन और नेविगेशन सिस्टम जैसी महत्वपूर्ण सैन्य जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहता है, तो उसकी रणनीतिक स्वतंत्रता भी प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इसी सोच को बदलने के उद्देश्य से रक्षा विनिर्माण, अनुसंधान और स्वदेशी तकनीक के विकास को लगातार बढ़ावा दे रही है।
पिछली सरकारों पर भी साधा निशाना
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले भारत की क्षमताओं और प्रतिभा पर उतना भरोसा नहीं किया गया, जितना वर्तमान सरकार करती है।
उन्होंने कहा कि आज सरकार का विश्वास देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, रक्षा उद्योग और युवाओं की क्षमता पर है। इसी विश्वास के बल पर भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान बना रहा है।










