सहारनपुर, 01 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर में 613 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करते हुए विकास, कानून-व्यवस्था और धार्मिक आस्था को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में किसी को भी किसी की आस्था के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब दंगों की पहचान से बाहर निकलकर विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर जिले और हर गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। उनके अनुसार पहले कुछ सरकारें केवल सीमित क्षेत्रों के विकास तक सिमटकर रह गई थीं, जबकि वर्तमान सरकार पूरे उत्तर प्रदेश को समान अवसर देने के सिद्धांत पर काम कर रही है।
‘अब यूपी दंगों से नहीं, विकास से पहचाना जाता है’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश दंगों, कर्फ्यू और कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति के लिए चर्चा में रहता था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश की तस्वीर बदली है और अब राज्य विकास परियोजनाओं, बेहतर सड़कों और मजबूत कानून-व्यवस्था के कारण पहचान बना रहा है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले लोगों को जातियों के आधार पर बांटने की राजनीति होती थी और कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों का भी विरोध किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सहारनपुर की कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की सबसे बड़ी शर्त होता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में सहारनपुर की सड़क और रेल कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। दिल्ली और देहरादून से बेहतर संपर्क बनने के कारण अब यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही हवाई संपर्क शुरू होने से सहारनपुर के लोगों को दिल्ली या देहरादून जाकर उड़ान पकड़ने की आवश्यकता नहीं रहेगी। इससे उद्योग, व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज और सीवरेज परियोजनाओं पर भी जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के पहले चरण का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण की आधारशिला रखी गई है। इसके साथ ही शहर में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और सीवरेज प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजना की भी शुरुआत की गई।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शहरी सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी जिले के समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं और सरकार इसी दिशा में लगातार निवेश कर रही है।
वुड कार्विंग उद्योग का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने सहारनपुर की पारंपरिक वुड कार्विंग कला की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां के काष्ठ शिल्पियों और कारीगरों ने अपनी कला को वैश्विक पहचान दिलाई है। उनके अनुसार सहारनपुर से हर वर्ष 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के वुड कार्विंग उत्पाद निर्यात किए जा रहे हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मां शाकंभरी कॉरिडोर से श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने मां शाकंभरी धाम कॉरिडोर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने आवश्यक विकास कार्यों के निर्देश दिए हैं। आने वाले समय में किसी भी मौसम में श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी और धार्मिक पर्यटन को भी इससे बढ़ावा मिलेगा।
लाभार्थियों को वितरित किए प्रमाण पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), कृषक समृद्धि योजना और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के चयनित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। इनमें रचना, सौरथ, विजय पांडे, सोमती, कृष्ण पाल, अनुपेक्षा, अमित कुमार, प्रवीण कुमार, अशोक कुमार, असलन अंसारी, सैद, प्रीति, मीनाक्षी और सिमरन सहित कई लाभार्थी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाना है।










