सहारनपुर, 01 जुलाई 2026। स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर के कंपोजिट स्कूल इस्माईलपुर से की। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव बताते हुए कहा कि अच्छी शिक्षा ही व्यक्ति को सुसभ्य, संस्कारित और जिम्मेदार नागरिक बनाती है। उन्होंने शिक्षकों से घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने और शिक्षा को अधिक रोचक व व्यवहारिक बनाने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और उसे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनाना है।
स्कूल चलो अभियान की शुरुआत मां शाकंभरी के आशीर्वाद से
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत मां शाकंभरी का स्मरण करते हुए की। उन्होंने कहा कि सहारनपुर की पावन धरती से स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि मंगलवार देर रात से हो रही बारिश केवल मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि मां शाकंभरी की विशेष कृपा का प्रतीक है। यह वर्षा किसानों के लिए राहत लेकर आई है, खेतों को जीवन देगी और भीषण गर्मी से लोगों को भी राहत मिलेगी।
अच्छी शिक्षा से बनते हैं अच्छे नागरिक और राष्ट्र निर्माता
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह व्यक्ति के चरित्र, संस्कार और सोच का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा ही समाज को बेहतर शिक्षक, चिकित्सक, इंजीनियर, न्यायिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी देती है।
उन्होंने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि जो बच्चे स्कूल चलो अभियान का हिस्सा बन रहे हैं, वे देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। इसलिए सरकार शिक्षा के स्तर को लगातार बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है।
2017 के बाद सरकारी स्कूलों में हुए बड़े बदलाव
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के केवल लगभग 36 प्रतिशत विद्यालय ही व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहे थे। उस समय कई स्कूलों में पेयजल, फर्नीचर, पुस्तकालय, बिजली और मिड-डे मील जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था।
उन्होंने बताया कि सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदलने का अभियान शुरू किया। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और उद्यमियों के सहयोग से स्कूलों को गोद लेने की पहल की गई, जिसके परिणामस्वरूप आज अधिकांश सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं और विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
शिक्षकों से घर-घर जाकर नामांकन बढ़ाने की अपील
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर शिक्षक को घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करना चाहिए, ताकि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा देने के तरीकों में बदलाव समय की जरूरत है। बच्चों को डर या दंड के बजाय गीत, कविता, गतिविधियों और रचनात्मक तरीकों से पढ़ाया जाना चाहिए, जिससे वे सीखने में रुचि लें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
शिक्षामित्रों और शिक्षकों के लिए सरकार की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि की है और शिक्षकों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और शिक्षकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि शिक्षक, अभिभावक और समाज मिलकर प्रयास करेंगे तो स्कूल चलो अभियान प्रदेश के हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में सफल होगा और उत्तर प्रदेश की नई पीढ़ी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।










