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अंतरिक्ष के नायक शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने किया अशोक चक्र से सम्मानित, कर्तव्य पथ पर रचा गया इतिहास

On: January 26, 2026
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अंतरिक्ष के नायक शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने किया अशोक चक्र से सम्मानित
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नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर भारत ने अपने एक और नायक को सलाम किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया। यह ऐतिहासिक सम्मान राजधानी के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जहाँ देश की सैन्य शक्ति और वैज्ञानिक उपलब्धियों का एक साथ उत्सव मनाया गया।

अंतरिक्ष मिशन से अशोक चक्र तक: शुभांशु शुक्ला की असाधारण यात्रा

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रचते हुए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। जून 2025 में उन्होंने एक्सिओम मिशन-4 (Axiom-4) के तहत 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा पूरी की। इसके साथ ही वे अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने।
इससे पहले वर्ष 1984 में विंग कमांडर राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के सोयूज-11 मिशन के जरिए अंतरिक्ष की उड़ान भरी थी।

अंतरिक्ष में शुभांशु शुक्ला की मौजूदगी केवल प्रतीकात्मक नहीं रही। उन्होंने वहां रहते हुए भारत के सात महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों का नेतृत्व किया, जिनसे भविष्य के मानव अंतरिक्ष अभियानों को नई दिशा मिली।

गणतंत्र दिवस सम्मान 2026: वैज्ञानिक प्रयोग जिन्होंने बदली भविष्य की तैयारी

एक्सिओम-4 मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला ने जिन प्रयोगों का नेतृत्व किया, उनमें शामिल रहे—

  • स्पेस एनीमिया पर अध्ययन
  • अंतरिक्ष में हृदय स्वास्थ्य का परीक्षण
  • माइक्रोग्रैविटी में धातु मिश्रधातुओं का ठोसकरण
  • जैविक और मानव-शरीर से जुड़े उन्नत प्रयोग

इन अध्ययनों से गगनयान जैसे भविष्य के भारतीय मानव अंतरिक्ष मिशनों की सुरक्षा प्रणालियों और दीर्घकालिक अंतरिक्ष प्रवास को लेकर अहम जानकारियाँ प्राप्त हुईं। वैज्ञानिक समुदाय ने इन प्रयोगों को भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं के लिए “गेम-चेंजर” बताया है।

एक फाइटर पायलट की उड़ान, जो अंतरिक्ष तक पहुंची

शुभांशु शुक्ला एक अनुभवी फाइटर पायलट हैं, जिनके पास 2,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। उन्होंने भारतीय वायुसेना के कई अग्रिम लड़ाकू और परिवहन विमानों को उड़ाया है, जिनमें—
सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 शामिल हैं।

एक्सिओम-4 मिशन में उन्होंने पायलट की भूमिका निभाई। यह मिशन अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी एक्सिओम स्पेस द्वारा संचालित किया गया था, जिसमें नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और ISRO की भागीदारी रही।

कौन हैं शुभांशु शुक्ला?

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ। बचपन से ही अनुशासन, राष्ट्रसेवा और उड़ान के प्रति उनका विशेष झुकाव रहा।
लखनऊ की सैन्य परंपराओं और कारगिल युद्ध की स्मृतियों ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। इसी प्रेरणा के साथ उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में आवेदन किया और जून 2006 में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त किया।

आज उनका यह सफर—कॉकपिट से लेकर अंतरिक्ष और अब अशोक चक्र तक—भारत की बढ़ती मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं और वैश्विक मंच पर मजबूत होती उपस्थिति का प्रतीक बन चुका है।

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