राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

UP BEd Entrance Exam 2026: वंदना सिंह बनीं प्रदेश टॉपर, 1 जुलाई से शुरू होगी काउंसलिंग

On: June 16, 2026
Follow Us:
UP BEd Entrance Exam 2026, 1 जुलाई से शुरू होगी काउंसलिंग
---Advertisement---


लखनऊ/16 जून 2026:
उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2026 का परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिया गया। इस वर्ष अलीगढ़ की वंदना सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 400 में से 359 अंक प्राप्त किए और पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। वहीं अलीगढ़ के नितिन पचौरी 352 अंकों के साथ दूसरे तथा जौनपुर की खुशी अजय मिश्रा 349 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

राज्य स्तर पर आयोजित इस परीक्षा के परिणाम में एक दिलचस्प तथ्य यह भी रहा कि टॉप-10 रैंकधारकों में छह छात्राओं ने जगह बनाई, जिससे छात्राओं की बढ़ती शैक्षणिक उपलब्धियों की झलक देखने को मिली। बीएड प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू होगी।

चार लाख से अधिक अभ्यर्थियों को मिली रैंक

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 के लिए कुल 4,44,958 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 4,00,756 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। परिणाम जारी होने के बाद 4,00,107 अभ्यर्थियों को रैंक प्रदान की गई, जबकि मात्र 649 अभ्यर्थी सफल नहीं हो सके।

प्रदेश में बीएड पाठ्यक्रम की लगभग 2.50 लाख सीटें उपलब्ध हैं, जिसके लिए अब काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मंगलवार को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने संयुक्त रूप से परिणाम घोषित किया। परिणाम जारी होने के बाद मंत्री ने वीडियो कॉल के माध्यम से शीर्ष रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई भी दी।

टॉप-10 में छह छात्राएं, अलीगढ़ और पूर्वांचल का दबदबा

इस बार की मेरिट सूची में अलीगढ़, जौनपुर और वाराणसी के अभ्यर्थियों का विशेष दबदबा देखने को मिला। टॉप-10 सूची में शामिल विद्यार्थियों ने प्रदेशभर के लाखों अभ्यर्थियों के बीच अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

UP BEd Entrance Exam 2026 टॉप-10 अभ्यर्थी

रैंकनामजिलाप्राप्तांक
1वंदना सिंहअलीगढ़359
2नितिन पचौरीअलीगढ़352
3खुशी अजय मिश्राजौनपुर349
4प्रिया पटेलवाराणसी341
5प्रगति तिवारीवाराणसी340
6अबू बकरमथुरा338
7सुचिता पांडेयमिर्जापुर337
8संजना यादवजौनपुर334
9अंतरिक्ष शर्मासाउथ ईस्ट दिल्ली333
10स्नेहा सक्सेनाशाहजहांपुर331

एआई तकनीक और 22 हजार CCTV कैमरों से हुई निगरानी

31 मई को प्रदेश के 72 जिलों में 1011 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार अत्याधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया गया।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर 22 हजार सीसीटीवी कैमरे, 5651 बायोमीट्रिक मशीनें, एआई आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम और रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की गई थी। इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों को जीपीएस आधारित बॉडी-वॉर्न कैमरे भी उपलब्ध कराए गए, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी गई।

कासगंज और पीलीभीत में सबसे ज्यादा उपस्थिति

परीक्षा में पंजीकृत अभ्यर्थियों में लगभग 2.72 लाख महिलाएं, 1.72 लाख पुरुष और दो ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल थे। कासगंज और पीलीभीत जिलों में सर्वाधिक 95 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में सबसे कम 84 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।

रैंक प्राप्त करने वाले 4,00,107 अभ्यर्थियों में 2.46 लाख महिलाएं, 1.53 लाख पुरुष और एक ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल हैं।

बीएड के प्रति अभ्यर्थियों का भरोसा कायम

रोजगार को लेकर चुनौतियों के बावजूद बीएड पाठ्यक्रम के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बना हुआ है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में पंजीकरण संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।

वर्षपंजीकृत अभ्यर्थी
20234,72,882
20242,23,384
20253,44,546
20264,44,958

विशेषज्ञों का मानना है कि नई शिक्षा नीति, शिक्षक भर्ती की संभावनाएं और शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते अवसर बीएड को अब भी युवाओं के बीच आकर्षक बनाए हुए हैं।

टॉपर्स ने बताया अपना लक्ष्य

परिणाम घोषित होने के बाद उच्च शिक्षा मंत्री ने शीर्ष अभ्यर्थियों से संवाद भी किया। प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल करने वाले नितिन पचौरी ने बताया कि उन्होंने एक ऐसा शिक्षण मॉडल विकसित किया है, जिससे विद्यार्थियों को अतिरिक्त ट्यूशन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने इस मॉडल को प्रस्तुत करने के लिए मंत्री से समय भी मांगा।

वहीं खुशी अजय मिश्रा, प्रिया पटेल, प्रगति तिवारी, अबू बकर, सुचिता पांडेय, संजना यादव, अंतरिक्ष शर्मा और स्नेहा सक्सेना ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल शिक्षक बनना नहीं, बल्कि बच्चों में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सकारात्मक सोच विकसित करना है।

नकलविहीन परीक्षा व्यवस्था पर सरकार का जोर

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शी और नकलविहीन परीक्षाएं कराने के लिए लगातार आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि सफलता का वास्तविक मार्ग कठिन परिश्रम, ईमानदारी और निरंतर प्रयास से होकर गुजरता है।

उन्होंने कहा कि एआई आधारित सुरक्षा व्यवस्था ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now