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स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर फिलहाल रोक: UP में पुराने मीटर नहीं बदले जाएंगे, तकनीकी जांच के आदेश

On: April 19, 2026
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स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर फिलहाल रोक
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लखनऊ, 19 अप्रैल 2026 (रविवार)। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि तकनीकी परीक्षण पूरा होने तक पुराने बिजली मीटरों को स्मार्ट-प्रीपेड मीटर से नहीं बदला जाएगा।

शक्ति भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से जुड़े तकनीकी मुद्दों की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी और उसकी रिपोर्ट आने तक मीटर बदलने की प्रक्रिया पर रोक रहेगी।

उपभोक्ताओं को राहत: बैलेंस खत्म होने पर भी तुरंत नहीं कटेगी बिजली

सरकार ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए कुछ राहत भरे निर्देश भी जारी किए हैं।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जिन घरों में प्रीपेड मीटर लगे हैं, वहां बैलेंस शून्य होने के बावजूद:

  • तीन दिन तक बिजली आपूर्ति जारी रहेगी
  • या 2 किलोवाट तक के कनेक्शन पर ₹200 तक नेगेटिव बैलेंस की अनुमति होगी

इसके अलावा स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि रविवार या किसी भी अवकाश/त्योहार के दिन बिजली आपूर्ति नहीं काटी जाएगी। यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जो अचानक बिजली कटने की समस्या से जूझ रहे थे।

तकनीक के साथ सतर्कता: SMS और कॉल से अलर्ट सिस्टम

सरकार ने स्मार्ट मीटर प्रणाली को पूरी तरह उपभोक्ता-अनुकूल बनाने के लिए तकनीकी सुधारों पर भी जोर दिया है।
मंत्री ने निर्देश दिए कि:

  • बैलेंस कम होने पर उपभोक्ताओं को SMS और कॉल के जरिए अलर्ट किया जाए
  • बिल भुगतान के तुरंत बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जाए
  • इसके लिए 24×7 तकनीकी और प्रशासनिक टीमें तैनात रहें

उन्होंने चेतावनी दी कि भुगतान के बाद बिजली बहाल करने में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतों के बाद बढ़ा विवाद, जांच तक रुकी प्रक्रिया

दरअसल, प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर पिछले कुछ समय से उपभोक्ताओं की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं।
कई लोगों ने अचानक बढ़े बिजली बिल और बिना पूर्व सूचना के बिजली कटने की समस्या उठाई थी। इसी बढ़ते विरोध के बीच सरकार को यह फैसला लेना पड़ा।

बताया जा रहा है कि प्रदेश में करीब 3.5 करोड़ उपभोक्ताओं के पारंपरिक मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की योजना थी।
अब तक करीब 78 लाख मीटर ही लगाए जा सके हैं।

नए कनेक्शन में स्मार्ट मीटर जारी रहेंगे

हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए बिजली कनेक्शन में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
यानी पूरी योजना को रोका नहीं गया है, बल्कि फिलहाल पुराने मीटरों को बदलने की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाई गई है।

गर्मी के मौसम को लेकर विशेष निर्देश

ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए पहले से ही सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

निष्कर्ष

स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला एक संतुलित कदम माना जा रहा है—जहां एक ओर तकनीकी खामियों की जांच पर जोर है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को तत्काल राहत देने की कोशिश भी दिखती है।

अब नजर तकनीकी समिति की रिपोर्ट पर टिकी है, जो तय करेगी कि आगे स्मार्ट मीटर योजना किस दिशा में बढ़ेगी।

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