लखनऊ (Thu, 23 Oct 2025): उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुई आगजनी और बड़े नुकसान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अग्निशमन विभाग की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने प्रदेश की बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिक विस्तार और शहरीकरण के मद्देनज़र फायर सर्विस को केवल आग बुझाने तक सीमित न रखकर इसे आपदा प्रबंधन, रेस्क्यू ऑपरेशन और आपात सेवाओं के समेकित स्वरूप में विकसित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हर जिले में फायर और आपात सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। विभाग का हर अधिकारी जनता की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है।”
नए पदों और विशेष इकाइयों की स्थापना
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विभाग में राजपत्रित संवर्ग के 98 और अराजपत्रित संवर्ग के 922 पद सृजित किए जाएंगे। इससे जिला, रीजनल और मुख्यालय स्तर पर Fire Service की कार्यक्षमता और जनसेवा क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
इसके साथ ही, प्रत्येक रीजन में स्पेशलाइज्ड यूनिट गठित की जाएगी, जो केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल दुर्घटनाओं और सुपर हाईराइज बिल्डिंग जैसी परिस्थितियों से निपटने में सक्षम हों।
आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित जनशक्ति
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि Fire Service को अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित जनशक्ति से लैस किया जाए। साथ ही, राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय में अतिरिक्त पद सृजित कर प्रशिक्षण एवं अनुसंधान की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाएगा।
विशेष रूप से एक्सप्रेस-वे पर बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए, हर 100 किलोमीटर की दूरी पर फायर टेंडर सहित छोटी फायर चौकी स्थापित करने के आदेश दिए गए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन ऑवर के भीतर राहत और बचाव कार्य प्रारंभ किया जा सके।
नई ऑपरेशनल इकाइयां और जिला कवरेज
समीक्षा बैठक में बताया गया कि नई ऑपरेशनल इकाइयों के रूप में कुशीनगर, आजमगढ़, श्रावस्ती, कानपुर नगर, अयोध्या, अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट और सोनभद्र एयरपोर्ट पर अग्निशमन सेवाओं की पर्याप्त जनशक्ति पहले ही तैनात की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग की संरचना ऐसी होनी चाहिए जो हर परिस्थिति में त्वरित, कुशल और उत्तरदायी प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो। उन्होंने पुनर्गठन की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश दिए ताकि इसका लाभ शीघ्र जनता तक पहुंचे।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल Fire Service की क्षमता बढ़ाएगी बल्कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर पद सृजन और आधुनिक उपकरणों की तैनाती से अग्नि सुरक्षा और राहत कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित होगी।







