नई दिल्ली/28 अगस्त 2026: विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संस्कृत को भारत की ज्ञान परंपरा, संस्कृति और चेतना का आधार बताते हुए कहा कि यह भाषा अपनी प्राचीनता के साथ-साथ वैज्ञानिक स्वरूप के लिए भी जानी जाती है। अमित शाह ने इस अवसर पर संस्कृत भाषा के संरक्षण और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में योगदान देने वाले विद्वानों और शिक्षकों के प्रति सम्मान भी जताया।
विश्व संस्कृत दिवस पर अमित शाह ने बताया संस्कृत का महत्व
अमित शाह ने शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए विश्व संस्कृत दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारत की ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक चेतना से गहराई से जुड़ी हुई भाषा है। उनके मुताबिक, संस्कृत जितनी प्राचीन है, उतनी ही वैज्ञानिक भी है।
गृह मंत्री ने संस्कृत साहित्य की व्यापक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस भाषा में रचे गए वेद, उपनिषद और शास्त्र सदियों से मानवता को ज्ञान के मार्ग पर आगे बढ़ाते रहे हैं। भारतीय सभ्यता के लंबे इतिहास में संस्कृत ने दर्शन, साहित्य, विज्ञान और आध्यात्मिक चिंतन को अभिव्यक्ति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
संस्कृत को लेकर शाह का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारतीय भाषाओं और पारंपरिक ज्ञान को नई पीढ़ी से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती, बल्कि उसके साथ किसी समाज की स्मृतियां, विचार और सांस्कृतिक अनुभव भी जुड़े होते हैं।
संस्कृत के संरक्षण में योगदान देने वालों को किया नमन
अमित शाह ने संस्कृत भाषा के संरक्षण और उसके प्रसार में योगदान देने वाले विद्वानों और शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने संस्कृत को संरक्षित रखने और इसे नई पीढ़ियों तक पहुंचाने में अविस्मरणीय योगदान दिया है।
दरअसल, संस्कृत की परंपरा को आगे बढ़ाने में गुरुओं, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों की भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। प्राचीन ग्रंथों से लेकर आधुनिक अकादमिक अध्ययन तक, संस्कृत के संरक्षण का काम कई स्तरों पर जारी है।
रक्षा बंधन पर भी देशवासियों को दी शुभकामनाएं
विश्व संस्कृत दिवस के साथ शुक्रवार को रक्षा बंधन का पर्व भी मनाया गया। अमित शाह ने इस अवसर पर देशवासियों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं भी दीं। यह पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और पारिवारिक संबंधों की मजबूती का प्रतीक माना जाता है।
विश्व संस्कृत दिवस पर अमित शाह का संदेश जहां भारतीय ज्ञान परंपरा और भाषा की विरासत पर केंद्रित रहा, वहीं रक्षा बंधन की शुभकामनाओं के जरिए उन्होंने देशवासियों के साथ इस पारंपरिक पर्व की खुशियां भी साझा कीं।











