नई दिल्ली/27 अगस्त 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिजस्तान की चार दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। यात्रा के पहले चरण में वह 29-30 अगस्त को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे, जहां राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री किर्गिजस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे और 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय ने 27 अगस्त को इसकी आधिकारिक जानकारी दी है।
रणनीतिक रिश्तों को मिलेगी नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी की यह उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी। ताशकंद में उनकी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी।
दोनों नेता भारत के विकसित भारत@2047 और उज्बेकिस्तान के Uzbekistan-2030 विजन को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे। भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में लगातार व्यापक हुए हैं और अब उनका दायरा पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।
प्रधानमंत्री ताशकंद में शास्त्री स्मारक और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज स्थित महात्मा गांधी केंद्र भी जा सकते हैं। यह पहल दोनों देशों के ऐतिहासिक और जन-से-जन संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बिश्केक में SCO Summit, सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर भारत का जोर
उज्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री मोदी बिश्केक जाएंगे, जहां 31 अगस्त और 1 सितंबर को SCO का 26वां शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। इस वर्ष संगठन अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है और इस मंच पर सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता तथा आर्थिक एवं संपर्क सहयोग से जुड़े मुद्दों को लगातार प्रमुखता देता रहा है।
प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत की प्राथमिकताओं को सामने रखेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत का जोर Security, Connectivity and Opportunity यानी सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर पर रहेगा। आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी चुनौतियां भी संगठन के एजेंडे में महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।
बिश्केक में प्रधानमंत्री की SCO सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी होंगी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बैठक की पुष्टि विदेश मंत्रालय ने की है। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
पाकिस्तान की अगली SCO अध्यक्षता पर भी नजर
इस बार SCO बैठक का एक अहम पहलू संगठन की आगामी अध्यक्षता भी है। पाकिस्तान 2027 में SCO की अध्यक्षता संभालेगा। भारत ने फिलहाल पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अपनी भागीदारी को लेकर कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं किया है।
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा है कि भारत SCO को एक संगठन के रूप में देखता है और व्यक्तिगत देशों के साथ जुड़ाव को लेकर निर्णय उचित समय पर संबंधित प्राधिकारी द्वारा लिया जाएगा।
यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और पाकिस्तान दोनों 2017 में SCO के पूर्ण सदस्य बने थे। भारत ने इससे पहले 2023 में संगठन की अध्यक्षता की थी। उस समय भारत ने SCO की बैठक की मेजबानी की थी और पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी गोवा पहुंचे थे।
वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे मोदी
किर्गिजस्तान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। यह आयोजन मध्य एशिया की पारंपरिक संस्कृति, खेल और खानाबदोश विरासत को वैश्विक मंच पर सामने लाने का अवसर है। ऐसे में SCO की औपचारिक कूटनीति के साथ सांस्कृतिक और जन-से-जन संपर्क का पक्ष भी इस यात्रा में दिखाई देगा।













