चित्रकूट/रविवार, 6 सितंबर 2026: चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की भीषण बाढ़ के बाद नदी के प्राकृतिक प्रवाह और कैचमेंट क्षेत्र में हुए निर्माण को लेकर सरकार सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने और पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित करने के दौरान साफ कहा कि नदी के स्वाभाविक बहाव में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी। नदी किनारे और उसके प्रभाव क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को हटाया जाएगा।
रामायण मेला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदाकिनी के कैचमेंट एरिया में निर्माण और अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी का प्राकृतिक रास्ता प्रभावित हुआ है। ऐसी स्थिति में अत्यधिक बारिश के दौरान नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और बाढ़ का असर विनाशकारी हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार की आपदा के कारणों की अधिकारियों के साथ समीक्षा की जाएगी और नदी के प्राकृतिक प्रभाव क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मंदाकिनी नदी अतिक्रमण पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी का अपना एक प्राकृतिक क्षेत्र होता है और उसमें किसी तरह का हस्तक्षेप लंबे समय में गंभीर परिणाम दे सकता है। मंदाकिनी नदी के किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। कैचमेंट क्षेत्र में निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा होगी, ताकि भविष्य में जल निकासी बाधित न हो।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद रामघाट पहुंचकर मौके पर हालात देखे। उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान वह प्रभावित क्षेत्र में मौजूद थे। वहीं से उन्होंने डीजी पीएसी को निर्देश देकर राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय कराया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, उस समय चित्रकूट में केवल एक एसडीआरएफ टीम उपलब्ध थी। हालात की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी फ्लड की आठ टीमों को राहत-बचाव अभियान में लगाया गया। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
मध्य प्रदेश में पुल बहने से समझी जा सकती है आपदा की गंभीरता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी भीषण बाढ़ पहले नहीं देखी। उन्होंने मध्य प्रदेश में एक पक्के पुल के बह जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे बाढ़ की तीव्रता और आपदा की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आपदा के बावजूद चित्रकूट में जनहानि नहीं होना बड़ी बात है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रभु कामदगिरि, हनुमानजी और ऋषि-मुनियों की कृपा से जोड़ते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में किसी भी प्रभावित परिवार को खुद को अकेला समझने की जरूरत नहीं है।
बाढ़ पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा, क्षतिग्रस्त मकानों के लिए आवास
योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत का भरोसा देते हुए कहा कि जिन लोगों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों, व्यापारियों और अन्य प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है और सरकार राहत एवं पुनर्वास के लिए बजट की कमी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बाढ़ और उसके कारणों की समीक्षा करने की बात भी कही।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए मंदाकिनी के प्राकृतिक प्रभाव क्षेत्र को सुरक्षित रखना जरूरी है। नदी का रास्ता जितना स्वाभाविक रहेगा, उतना ही बाढ़ के पानी की निकासी सुचारु रखने में मदद मिलेगी।
चित्रकूट से अपने भावनात्मक जुड़ाव का किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चित्रकूट से अपने भावनात्मक संबंध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रभु श्रीराम के वनवास काल में चित्रकूट ने उनका साथ दिया था, उसी तरह आज जब चित्रकूट संकट में है तो वह रामभक्त के रूप में यहां पहुंचे हैं।
उनके इस बयान में धार्मिक आस्था के साथ चित्रकूट से उनके राजनीतिक और भावनात्मक जुड़ाव की झलक भी दिखाई दी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
2017 से पहले बाढ़ पीड़ितों को सूखी ब्रेड मिलने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर बाढ़ पीड़ितों की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बाढ़ आने पर राहत और बचाव को लेकर सरकारों की गंभीरता दिखाई नहीं देती थी। उनके मुताबिक, काफी हो-हल्ले के बाद प्रभावित लोगों को राहत के नाम पर सूखी ब्रेड तक बांटी जाती थी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्होंने खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति को समझा। इसके बाद बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत किट तैयार कराई गई, ताकि आपदा के समय प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार आपदा की घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। राहत, बचाव और पुनर्वास के काम में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और नंद गोपाल नंदी, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, डीसीबी चेयरमैन पंकज अग्रवाल, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, भैरों प्रसाद मिश्रा और रमेशचंद्र द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य तथा क्षेत्रीय मंत्री आनंद पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।










