लखनऊ, बुधवार, 23 सितंबर 2026। बुंदेलखंड की पहचान अब सिर्फ इतिहास, किलों और लोक संस्कृति तक सीमित नहीं रहने वाली है। यहां के हुनर और स्थानीय उत्पाद भी बड़े बाजार की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में बांदा का प्रसिद्ध शजर पत्थर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने अपनी चमक बिखेरने को तैयार है। इसके साथ ही जिले के पारंपरिक व्यंजन और आधुनिक खाद्य उत्पाद भी इस वैश्विक कारोबारी मंच पर नजर आएंगे।
ग्रेटर नोएडा के India Expo Centre & Mart में 25 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक शो में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ घरेलू B2B और B2C खरीदार भी हिस्सा लेंगे।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में बांदा का शजर स्टोन बनेगा आकर्षण
बांदा के शजर स्टोन को एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP) के तहत विशेष पहचान मिली है। केन नदी के तट पर मिलने वाले इस पत्थर से तैयार कलाकृतियां अपनी प्राकृतिक बनावट और विशिष्ट डिजाइन के लिए जानी जाती हैं। ट्रेड शो में शजर पत्थर से तैयार हस्तशिल्प के दो विशेष स्टॉल लगाए जाने हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार ODOP श्रेणी में द्वारिका प्रसाद सोनी और अर्जुन गुप्ता का चयन किया गया है। दोनों उद्यमी शजर पत्थर से तैयार कलाकृतियों को प्रदर्शित करेंगे। उम्मीद यही है कि इस बार इन उत्पादों को स्थानीय बाजार से आगे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।
यह बांदा के उन कारीगरों के लिए खास मौका है, जिनका हुनर लंबे समय से स्थानीय स्तर पर मौजूद रहा है, लेकिन बड़े बाजार तक पहुंच सीमित रही। ट्रेड शो जैसे आयोजन में खरीदार सीधे उत्पाद देख सकते हैं, डिजाइन समझ सकते हैं और कारोबारी संभावनाओं पर बातचीत कर सकते हैं।
बुंदेलखंड की मिठास भी पहुंचेगी वैश्विक बाजार तक
बांदा की पहचान केवल शजर पत्थर तक सीमित नहीं है। इस बार बुंदेलखंड का पारंपरिक स्वाद भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचेगा।
वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन पहल के तहत दीपक सोनी बांदा की प्रसिद्ध बालूशाही और सोहन हलवा का स्टॉल लगाएंगे। वहीं, MSME श्रेणी में कमल आहूजा अपने बेकरी उत्पादों के माध्यम से जिले के आधुनिक खाद्य कारोबार का प्रतिनिधित्व करेंगे।
एक तरफ पत्थर पर उकेरी गई कलाकारी होगी तो दूसरी ओर बुंदेली मिठास। जाहिर है, यह संयोजन बांदा की स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान—दोनों को एक साथ सामने रखने का अवसर देगा।
युवा उद्यमियों को भी मिलेगा बड़ा कारोबारी मंच
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में बांदा के युवा उद्यमियों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत चयनित रवी नगाइच और शिवम कुशवाहा भी आयोजन में शामिल होंगे। इससे जिले के नए कारोबारियों को बड़े खरीदारों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और संभावित कारोबारी साझेदारों से संपर्क बनाने का अवसर मिलेगा।
इस तरह बांदा की भागीदारी केवल पारंपरिक हस्तशिल्प तक सीमित नहीं रहेगी। शजर स्टोन, खाद्य उत्पाद, बेकरी और युवा उद्यमिता—कई अलग-अलग आयाम एक ही मंच पर दिखाई देंगे।
ODOP और MSME से स्थानीय उत्पादों को मिला बाजार
उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP पहल का उद्देश्य जिलों के विशिष्ट उत्पादों को पहचान दिलाकर उन्हें बाजार से जोड़ना है। UPITS 2026 में भी हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, FMCG समेत कई क्षेत्रों को प्रमुखता दी गई है। आधिकारिक आयोजन वेबसाइट के अनुसार यह मंच उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े उद्यमों को देश-विदेश के ग्राहकों तक पहुंच बनाने का अवसर देता है।
बांदा के लिए इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि शजर पत्थर जैसे स्थानीय उत्पाद की असली ताकत उसकी विशिष्टता है। यदि ऐसे उत्पादों को सही बाजार, डिजाइन और निर्यात नेटवर्क मिलता है तो स्थानीय कारीगरों के लिए कारोबारी संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
25 से 29 सितंबर तक चलेगा ट्रेड शो
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित India Expo Centre & Mart में होगा। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार कारोबारी आगंतुकों के लिए समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक और सामान्य आगंतुकों के लिए दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित है।
आयोजन का फोकस उत्तर प्रदेश के उत्पादों को देश और विदेश के खरीदारों से जोड़ने पर है। ऐसे में बांदा के शजर पत्थर और बुंदेली खाद्य उत्पादों के लिए यह आयोजन केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि संभावित बाजार विस्तार का भी अवसर है।
बुंदेलखंड की मिट्टी में पैदा हुआ हुनर जब ग्रेटर नोएडा के इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचेगा, तो नजर सिर्फ एक पत्थर की चमक पर नहीं होगी। उसके पीछे काम करने वाले कारीगर, छोटे कारोबारी और नई पीढ़ी के उद्यमी भी इस कहानी का हिस्सा होंगे।










