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राजनाथ सिंह बोले: Maoist Terrorism गिन रहा अंतिम सांसें, आंतरिक सुरक्षा और पुलिस बलों के बलिदान पर जोर

On: October 21, 2025
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राजनाथ सिंह बोले: Maoist Terrorism गिन रहा अंतिम सांसें
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नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2025: पुलिस स्मृति दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों को आंतरिक सुरक्षा के गंभीर मुद्दों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अपराध अब पहले से अधिक संगठित, जटिल और अदृश्य हो गया है, और इसका उद्देश्य समाज में अविश्वास फैलाना और राष्ट्र की स्थिरता को चुनौती देना है।

नेशनल पुलिस मेमोरियल पर बलिदानी पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा,
“जब देश के नागरिक चैन की नींद सोते हैं, तो इसका श्रेय हमारी सतर्क सेना और पुलिस बलों की निरंतर चौकसी को जाता है।”
उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Maoist Terrorism: 2026 तक समाप्ति का भरोसा

रक्षा मंत्री ने नक्सलवाद और माओवादी आतंकवाद पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मार्च 2026 तक भारत पूरी तरह इस खतरे से मुक्त हो जाएगा। उनके अनुसार, कभी रेड कॉरिडोर कहलाने वाले क्षेत्र अब विकास कॉरिडोर में बदल रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने बताया कि पुलिस और सुरक्षा बल आधुनिक उपकरण, ड्रोन, डिजिटल निगरानी और अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित हैं, जिससे माओवादी आतंकवाद को लगातार दबाया जा रहा है।

उन्होंने कहा,
“सीआरपीएफ, बीएसएफ और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से माओवादी हिंसा को रोकने में सफलता मिली और आम जनता को राहत मिली है।”

सेना और पुलिस: सुरक्षा के दो मजबूत स्तंभ

राजनाथ सिंह ने देश की सुरक्षा में सेना और पुलिस के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चाहे खतरा सीमा पार से आए या भीतर छिपा हो, पुलिस और सेना दोनों ही देश की सुरक्षा के स्तंभ हैं।
उन्होंने पुलिस बल की बहुआयामी भूमिका को भी याद किया: न केवल अपराध से लड़ना बल्कि नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए सामाजिक स्थिरता बनाए रखना।

बलिदानी पुलिसकर्मी: 36,684 शहीदों को श्रद्धांजलि

पुलिस स्मृति दिवस पर आईबी प्रमुख तपन डेका ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से अब तक 36,684 पुलिसकर्मियों ने देश की रक्षा में बलिदान दिया है। उन्होंने 21 अक्टूबर 1969 को लद्दाख के हाट स्प्रिंग्स इलाके में हुए संघर्ष का उल्लेख किया, जहां सीआरपीएफ ने चीनी सेना से मोर्चा लिया और 10 जवानों ने शहादत दी।

इस अवसर पर बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनएसजी, असम राइफल्स, आरपीएफ, एनडीआरएफ और दिल्ली पुलिस के जवानों ने संयुक्त परेड में भाग लिया।

संक्षेप में:

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पुलिस स्मृति दिवस पर आंतरिक सुरक्षा, माओवादी आतंकवाद, पुलिस बलों के बलिदान और विकसित भारत 2047 के महत्व को रेखांकित किया। उनका संदेश देशवासियों को जागरूक करने, सुरक्षा बलों का सम्मान करने और राष्ट्र की स्थिरता बनाए रखने का प्रेरक मार्गदर्शन है।

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