कोलकाता (Thu, 23 Apr 2026)। बंगाल मतदान के बीच सियासी तापमान अपने चरम पर है, लेकिन इस बार चर्चा का केंद्र केवल वोट प्रतिशत नहीं, बल्कि माहौल में आए बदलाव का दावा भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी मैदान से बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य में “भय का माहौल खत्म हो रहा है और भरोसा लौट रहा है।”
नदिया जिले के कृष्णानगर में आयोजित जनसभा में पीएम मोदी ने पिछले 50 वर्षों के चुनावी इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि इस बार बंगाल मतदान अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा है—जिसका श्रेय उन्होंने चुनाव आयोग को दिया।
‘50 साल में सबसे कम हिंसा’, पीएम का बड़ा दावा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने लंबे राजनीतिक जीवन में ऐसा चुनाव कम ही देखा है, जहां हिंसा न्यूनतम स्तर पर हो।
उन्होंने पुराने चुनावी दौर का जिक्र करते हुए तीखा आरोप लगाया कि पहले मतदान के दौरान भय और दबाव का माहौल बनाया जाता था। उनके शब्दों में, “एक समय था जब हर हफ्ते किसी न किसी घटना की खबर आती थी, और उसे आत्महत्या बताकर दबा दिया जाता था।”
इस बार, पीएम के मुताबिक, मतदान प्रतिशत और शांतिपूर्ण प्रक्रिया यह संकेत दे रही है कि जनता अब खुलकर अपने मताधिकार का उपयोग कर रही है।
भाजपा की जीत का भरोसा, ‘परिवर्तन की आंधी’ का दावा
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जहां-जहां भारी मतदान हुआ है, वहां आमतौर पर भाजपा को फायदा मिला है। इसी आधार पर उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी पार्टी की जीत का दावा किया।
उन्होंने कहा, “राज्य में परिवर्तन की आंधी चल रही है और 4 मई को कमल खिलना तय है।”
उनका यह बयान साफ तौर पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला माना जा रहा है, जो पिछले डेढ़ दशक से राज्य की सत्ता में है।
झालमुड़ी से सियासत तक: तंज और तकरार
राजनीतिक बयानबाजी के बीच पीएम मोदी ने अपने हालिया दौरे के एक हल्के-फुल्के प्रसंग को भी मंच पर उठाया।
झाड़ग्राम में एक दुकान से झालमुड़ी खाने को लेकर हुए विवाद पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “झालमुड़ी मैंने खाई, लेकिन मिर्ची टीएमसी को लग गई।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा की जीत के दिन “मिठाई के साथ झालमुड़ी भी बांटी जाएगी”—जो भीड़ के बीच उत्साह का कारण बना।
काकद्वीप में हुंकार: ‘चार मई को केवल परिणाम नहीं, परिवर्तन’
दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप में आयोजित दूसरी जनसभा में पीएम मोदी ने अपने हमलों को और तेज किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में “सिंडिकेट सिस्टम” और “जंगलराज” ने विकास को बाधित किया है।
पीएम ने कहा, “यह चुनाव न मैं लड़ रहा हूं, न मेरे साथी—यह चुनाव जनता जनार्दन लड़ रही है।”
उनके अनुसार, भारी मतदान यह संकेत दे रहा है कि जनता बदलाव के मूड में है।
महिलाओं के लिए 10 गारंटी: चुनावी वादों का नया पैकेज
अपने भाषण में पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 10 नई गारंटियों की घोषणा भी की, जो बंगाल मतदान के बीच एक बड़ा चुनावी संदेश माना जा रहा है।
इनमें प्रमुख घोषणाएं शामिल हैं:
- हर ब्लॉक में महिला थाना और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई
- सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना
- हर साल ₹36,000 की आर्थिक सहायता
- बेटियों की पढ़ाई के लिए ₹50,000 तक की मदद
- गर्भवती महिलाओं के लिए ₹21,000 की सहायता
- स्वरोजगार के लिए ₹20 लाख तक का मुद्रा लोन
- आयुष्मान योजना के तहत ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज
ये घोषणाएं सीधे तौर पर महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखी जा रही हैं।
बेलूर मठ में दर्शन, रोड शो में उमड़ा जनसैलाब
राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच पीएम मोदी ने बेलूर मठ जाकर रामकृष्ण मिशन के मंदिर में दर्शन किए।
शाम को हावड़ा में उन्होंने लगभग तीन किलोमीटर लंबा रोड शो भी किया—जहां सड़कों के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
यह पहली बार था जब किसी प्रधानमंत्री ने हावड़ा में इस तरह का रोड शो किया, जिससे चुनावी माहौल और गर्मा गया।
बड़ी तस्वीर: क्या सच में बदल रहा है बंगाल का चुनावी माहौल?
बंगाल मतदान को लेकर पीएम मोदी का “भय बनाम भरोसा” वाला नैरेटिव केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि एक बड़ा चुनावी संदेश है।
हालांकि, इन दावों की वास्तविकता का आकलन चुनाव परिणाम और जमीनी रिपोर्ट्स के आधार पर ही संभव होगा। फिलहाल इतना जरूर है कि इस बार का चुनाव केवल सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि नैरेटिव की जंग भी बन गया है।











