चेन्नई (Sun, 10 May 2026)। तमिलनाडु की राजनीति में आए बड़े बदलाव के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री विजय को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व को “नई पीढ़ी, नई आवाज और नई सोच” की राजनीति बताया है।
रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले विजय के समर्थन में राहुल गांधी का यह बयान राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा में है। खासकर इसलिए क्योंकि इस चुनाव में विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया।
राहुल गांधी ने कहा- तमिलनाडु ने सुना दिया अपना फैसला
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “तमिलनाडु ने अपना फैसला सुना दिया है। थिरु विजय को मेरी शुभकामनाएं। उम्मीद है कि वे तमिलनाडु की जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।”
इसके साथ ही उन्होंने विजय की राजनीति को नई सोच और नई पीढ़ी की आवाज बताया। कांग्रेस की ओर से आया यह संदेश केवल औपचारिक बधाई नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे दक्षिण भारत की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
राहुल गांधी चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए। समारोह के दौरान विजय और राहुल गांधी की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं।
TVK ने पहली बार चुनाव लड़कर बदला तमिलनाडु का राजनीतिक समीकरण
तमिल अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह परिणाम केवल चुनावी जीत नहीं बल्कि तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। दशकों से राज्य की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही थी, लेकिन इस बार टीवीके ने दोनों दलों के मजबूत वर्चस्व को चुनौती दे दी।
हालांकि टीवीके बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन कांग्रेस ने आगे आकर विजय को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद विजय सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचे।
कांग्रेस ने DMK से बनाई दूरी
तमिलनाडु की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के उस फैसले की भी हो रही है, जिसमें उसने स्टालिन के नेतृत्व वाली DMK से दूरी बनाकर टीवीके का समर्थन किया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस दक्षिण भारत में अपनी नई रणनीति के तहत युवा चेहरों और क्षेत्रीय नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है। विजय की लोकप्रियता और युवाओं में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए कांग्रेस ने यह राजनीतिक दांव खेला है।
वहीं विजय के समर्थकों का कहना है कि जनता ने इस बार पारंपरिक राजनीति से हटकर बदलाव के पक्ष में वोट दिया है। अभिनेता से नेता बने विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान रोजगार, शिक्षा, भ्रष्टाचार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था।
‘थलापति’ की राजनीति पर देशभर की नजर
फिल्मी दुनिया में ‘थलापति’ के नाम से मशहूर विजय अब राजनीति में भी बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। शपथ ग्रहण के बाद उनके पहले फैसलों और कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दल के खुले समर्थन ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति पूरी तरह नए मोड़ पर जा सकती है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि विजय अपनी लोकप्रियता को प्रशासनिक क्षमता में किस तरह बदलते हैं और क्या वह जनता की उम्मीदों पर खरे उतर पाते हैं।













