लखनऊ (10 मई 2026)। उत्तर प्रदेश की राजनीति और सनातन संस्कृति का एक अनोखा संगम रविवार को राजधानी लखनऊ के लोकभवन में देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के कुछ ही घंटों बाद पूरी कैबिनेट, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और जनप्रतिनिधियों के साथ बहुचर्चित फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ की विशेष स्क्रीनिंग देखी। इसी दौरान उन्होंने फिल्म को उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री करने की घोषणा भी कर दी।
लोकभवन सभागार में जैसे ही फिल्म के दौरान “कृष्णा-कृष्णा, राधे-राधे” के उद्घोष सुनाई दिए, पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। करीब ढाई घंटे तक चले इस विशेष आयोजन में मंत्रियों, कलाकारों और अतिथियों की मौजूदगी ने इसे केवल फिल्म स्क्रीनिंग नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का रूप दे दिया।
कृष्णावतारम् टैक्स फ्री करने के पीछे क्या बोले सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए इस तरह की फिल्मों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ‘कृष्णावतारम्’ केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना को जीवंत करने का प्रयास है।
सीएम योगी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सभी नए और पुराने मंत्री एक साथ इस फिल्म को देखने पहुंचे, जो अपने आप में एक यादगार क्षण बन गया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि “हर चेहरे पर नई ऊर्जा और नई रौनक दिखाई दे रही थी।”
उन्होंने सूचना विभाग को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिलों में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग कराने में सहयोग किया जाए, ताकि बच्चे और युवा भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, भारतीय परंपराओं और सनातन विरासत को करीब से समझ सकें।
द्वापर युग से आधुनिक पीढ़ी तक जोड़ने की कोशिश
फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को केवल धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि मानवीय भावनाओं और सामाजिक संदर्भों के साथ प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में द्वापर युग की भव्यता, भारतीय संस्कृति की गहराई और रिश्तों की संवेदनशीलता को बड़े स्तर पर दिखाया गया है।
विशेष बात यह रही कि फिल्म में राधा, रुक्मिणी और सत्यभामा के किरदारों को अलग-अलग भावनात्मक आयामों के साथ चित्रित किया गया है। यही वजह रही कि दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर अलग उत्साह दिखाई दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से “वृंदावन बिहारी लाल की जय” और “भारत माता की जय” के उद्घोष भी लगाए, जिनका सभागार में मौजूद लोगों ने जोरदार समर्थन किया।
मुख्य अभिनेत्री संस्कृति ने लिया सीएम योगी का आशीर्वाद
फिल्म की मुख्य अभिनेत्री संस्कृति भी इस मौके पर मौजूद रहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आशीर्वाद लिया। सीएम योगी ने उनके अभिनय की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सत्यभामा के किरदार को प्रभावशाली ढंग से निभाया है।
मुख्यमंत्री ने खास तौर पर यह भी उल्लेख किया कि संस्कृति, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की नातिन हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नानी के लिए इससे बड़ा गर्व का क्षण नहीं हो सकता कि जिस बच्ची को उन्होंने स्नेह और संस्कार दिए, आज वह भारतीय संस्कृति से जुड़ी इतनी बड़ी फिल्म का हिस्सा बनी है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कही बड़ी बात
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित फिल्मों को बढ़ावा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रही है, ऐसे में भारतीय मूल्यों को सिनेमा के माध्यम से प्रस्तुत करना बेहद जरूरी हो गया है।
उन्होंने नए मंत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए फिल्म की पूरी टीम को भी बधाई दी।
कई दिग्गज नेता और कलाकार रहे मौजूद
इस विशेष स्क्रीनिंग में विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
फिल्म के निर्देशक हार्दिक गज्जर हैं। इसमें सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृति, सुष्मिता भट्ट और निवासिनी कृष्णन प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं। वहीं जैकी श्रॉफ और आशुतोष राणा जैसे अनुभवी कलाकारों ने भी अपने अभिनय से दर्शकों पर प्रभाव छोड़ा है।
हिंदी, तमिल और तेलुगु में रिलीज हुई ‘कृष्णावतारम्’
निर्माताओं ने फिल्म को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने के लिए हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज किया है। उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री होने के बाद अब फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक हलकों में भी इस आयोजन की चर्चा रही, क्योंकि मंत्रिमंडल विस्तार के तुरंत बाद पूरी कैबिनेट का एक साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होना अपने आप में अलग संदेश देता नजर आया।










