नई दिल्ली, Sun, 10 May 2026। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडरा रहे संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और गैस का संयमित उपयोग करने की अपील की है। तेलंगाना में करीब 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा बचत केवल आर्थिक जरूरत नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन चुकी है।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े आयातक देश को इस चुनौती का सामना समझदारी और अनुशासन के साथ करना होगा। मोदी ने लोगों से जरूरत के मुताबिक ही पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और वैश्विक संकट का असर भी कम होगा।
WFH, मेट्रो और कारपूलिंग पर जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कोविड काल के दौरान अपनाए गए कार्य तरीकों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां फिर से वर्क-फ्रॉम-होम (WFH), ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे ईंधन की खपत कम होगी और शहरों में ट्रैफिक दबाव भी घटेगा।
उन्होंने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो नेटवर्क मौजूद है, वहां लोगों को निजी वाहनों की बजाय मेट्रो को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके अलावा कारपूलिंग को भी एक प्रभावी विकल्प बताते हुए उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतें भी बड़े राष्ट्रीय बदलाव का आधार बन सकती हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने EV मालिकों से अपील की कि वे अपने वाहनों का अधिक से अधिक उपयोग करें ताकि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम हो सके।
‘विदेश में शादी और छुट्टियों का ट्रेंड रोकना होगा’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में मध्यम वर्ग की जीवनशैली में आए बदलावों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विदेशों में शादी करने, छुट्टियां मनाने और पर्यटन का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात में यह समय संयम दिखाने का है।
उन्होंने कहा, “हमें कम से कम एक साल तक गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को टालने का संकल्प लेना चाहिए।” प्रधानमंत्री का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसे सीधे तौर पर विदेशी मुद्रा बचत और आर्थिक अनुशासन से जोड़कर देखा जा रहा है।
CNG, सोलर और एथनॉल पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बीते कुछ वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। उन्होंने बताया कि देश आज सौर ऊर्जा उत्पादन के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण बढ़ाने की दिशा में भी सरकार ने महत्वपूर्ण काम किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार अब केवल एलपीजी कवरेज तक सीमित नहीं है, बल्कि पाइपलाइन गैस सप्लाई और सीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तेजी से विस्तार दिया जा रहा है। उनके मुताबिक यह कदम भविष्य के ऊर्जा संकटों से निपटने में भारत को मजबूत बनाएंगे।
तेलंगाना में 9,400 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन
हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (HICC) में आयोजित कार्यक्रम में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी समेत कई नेता मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री ने हैदराबाद-पणजी आर्थिक गलियारे से जुड़े राष्ट्रीय राजमार्ग-167 के फोरलेन विस्तार समेत कई बड़ी परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसके अलावा रेलवे की काजीपेट-विजयवाड़ा मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना, ग्रीनफील्ड पीओएल टर्मिनल और काजीपेट रेल अंडर बाईपास का उद्घाटन भी किया गया।
भारत का पहला पूरी तरह कार्यशील PM मित्र पार्क शुरू
वारंगल में करीब 1,700 करोड़ रुपये की लागत से बने काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री ने किया। यह देश का पहला पूरी तरह कार्यशील पीएम मित्र पार्क माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे टेक्सटाइल सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
शादी समारोह के कारण बदला हेलीकॉप्टर लैंडिंग प्लान
कार्यक्रम से जुड़ा एक मानवीय पहलू भी चर्चा में रहा। प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर HICC परिसर में उतरना था, लेकिन उसी जगह बीआरएस एमएलसी एमसी कोटी रेड्डी के बेटे अजीत रेड्डी की शादी समारोह की तैयारियां चल रही थीं।
जानकारी मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को दूसरी जगह हेलीकॉप्टर उतारने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने करीब 18 किलोमीटर सड़क मार्ग से यात्रा की। इस फैसले की विपक्षी नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सराहना की।













