कानपुर, Sun, 10 May 2026। दक्षिण कानपुर के लाखों लोगों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होने की ओर है। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो अगले महीने जून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस रूट का उद्घाटन कर सकते हैं।
शहर में मेट्रो विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। रविवार देर रात दो बजे से सुबह पांच बजे तक अप और डाउन लाइन पर हाईस्पीड ट्रायल रन किया गया। इस दौरान मेट्रो ट्रेन को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया और सभी स्टेशनों पर रोककर सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों के मुताबिक ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है।
मई में होगा CMRS निरीक्षण, उसके बाद मिलेगी मंजूरी
अब सबसे अहम प्रक्रिया मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (CMRS) के निरीक्षण की बची है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) की ओर से इसके लिए पत्राचार पहले ही किया जा चुका है। दिल्ली से आने वाली टीम पूरे सेक्शन का निरीक्षण करेगी, जिसमें ट्रैक, टनल, स्टेशन, सिग्नलिंग सिस्टम और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
UPMRC के संयुक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) पंचानन मिश्र ने बताया कि सीएमआरएस से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मिलने के बाद ही यात्री सेवाओं का विस्तार शुरू हो सकेगा। उन्होंने संकेत दिए कि जून में प्रधानमंत्री मोदी के कानपुर दौरे की संभावना है और उसी दौरान इस नए सेक्शन को जनता को समर्पित किया जा सकता है।
Central से Naubasta सिर्फ 14-15 मिनट में
मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक का सफर महज 14 से 15 मिनट में पूरा हो जाएगा। अभी इस रूट पर घंटों तक जाम में फंसना आम बात है, खासकर घंटाघर, टाटमिल और बाकरगंज चौराहों पर।
मेट्रो विस्तार से झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा। रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह सुविधा बेहद राहत भरी मानी जा रही है।
सात नए स्टेशन होंगे पूरी तरह तैयार
UPMRC अधिकारियों के अनुसार कॉरिडोर-1 यानी IIT से नौबस्ता तक कुल 24 किलोमीटर लंबे रूट में फिलहाल IIT से कानपुर सेंट्रल तक लगभग 16 किलोमीटर हिस्से पर मेट्रो सेवा संचालित हो रही है। अब शेष सेक्शन को ऑपरेशन के लिए तेजी से तैयार किया जा रहा है।
सभी सात स्टेशनों पर कुल 36 टिकट वेंडिंग मशीनें (TVM) लगाई जा रही हैं। इसके अलावा स्टेशन परिसर में सुरक्षा, यात्री सूचना प्रणाली और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं का परीक्षण भी जारी है।
दक्षिण कानपुर के ट्रैफिक दबाव को कम करेगी Metro
कानपुर के दक्षिणी हिस्से में बीते कई वर्षों से ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है। सुबह और शाम ऑफिस टाइम में टाटमिल, घंटाघर और नौबस्ता रूट पर लंबा जाम लगना आम हो चुका है। ऐसे में मेट्रो का यह विस्तार सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं बल्कि शहर की लाइफलाइन के तौर पर देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर मेट्रो तय समय पर शुरू हो जाती है तो रोजाना हजारों यात्रियों का समय बचेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी। खास बात यह है कि साउथ सिटी का इलाका पहली बार सीधे हाईस्पीड पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
PM मोदी के उद्घाटन की चर्चा से बढ़ी उत्सुकता
शहर में इस बात को लेकर भी उत्साह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर कानपुर आ सकते हैं। इससे पहले भी कानपुर मेट्रो परियोजना को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी शहरी परिवहन योजनाओं में शामिल किया जाता रहा है।
मेट्रो अधिकारियों के बीच तैयारियों की रफ्तार इसी वजह से और बढ़ गई है। स्टेशन परिसरों की फिनिशिंग, सुरक्षा परीक्षण और ट्रायल रन लगातार किए जा रहे हैं ताकि उद्घाटन से पहले किसी तरह की तकनीकी कमी न रह जाए।










