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मिडिल ईस्ट संकट पर सरकार अलर्ट, राजनाथ सिंह बोले- जरूरी सामान और ऊर्जा आपूर्ति पर कड़ी नजर

On: May 11, 2026
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मिडिल ईस्ट संकट पर सरकार अलर्ट, राजनाथ सिंह बोले- जरूरी सामान और ऊर्जा आपूर्ति पर कड़ी नजर
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नई दिल्ली (Mon, 11 May 2026)। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद लोगों से शांत रहने और किसी भी तरह की घबराहट से बचने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए कई स्तरों पर तैयारी की गई है।

मिडिल ईस्ट संघर्ष पर हुई IGoM की पांचवीं बैठक

सोमवार को मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच इंटर-ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (IGoM) की पांचवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में वैश्विक हालात, तेल आपूर्ति और घरेलू बाजार पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा की गई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार आवश्यक वस्तुओं और ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा, “सरकार किसी भी कमी या आपूर्ति बाधा को रोकने के लिए ठोस कदम उठा रही है। लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए और संयम बनाए रखना चाहिए।”

पीएम मोदी की अपील का राजनाथ सिंह ने किया समर्थन

राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का सामना केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनता की सहभागिता से भी संभव होगा।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए नागरिकों को भी जिम्मेदार व्यवहार अपनाना होगा। सरकार चाहती है कि देश आर्थिक दबावों के बावजूद स्थिर बना रहे और आम लोगों पर न्यूनतम असर पड़े।

पीएम मोदी ने खर्च कम करने और ईंधन बचाने की दी थी सलाह

इससे पहले रविवार को हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अनावश्यक खर्चों में कटौती करने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से गैर-जरूरी विदेश यात्राएं टालने, सोने की खरीद से बचने और जहां संभव हो वहां ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने की सलाह दी थी।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोविड-19 के दौरान अपनाए गए वर्चुअल मीटिंग्स, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और घर से काम जैसी व्यवस्थाएं फिर से उपयोगी साबित हो सकती हैं। इससे ईंधन की खपत कम होगी और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटेगा।

मेट्रो, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर

पीएम मोदी ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो सेवाओं, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने का भी आग्रह किया था। साथ ही माल ढुलाई को सड़क की बजाय रेलवे की ओर स्थानांतरित करने पर भी बल दिया गया।

सरकार का मानना है कि यदि ऊर्जा खपत को नियंत्रित किया गया तो वैश्विक संकट का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर सीमित रखा जा सकता है।

सोने की खरीद टालने की भी अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में सोने की खरीद को लेकर भी विशेष अपील की थी। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय हित में नागरिकों को कम से कम एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचना चाहिए।

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में शामिल है और त्योहारों व शादियों के मौसम में आयात बिल तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर दे रही है।

तेल कीमतों पर बढ़ सकता है दबाव

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने भी संकेत दिए हैं कि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण तेल की कीमतों पर दबाव लंबे समय तक बना रह सकता है। अधिकारियों के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी बाधा का असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है, जिससे भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

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