लखनऊ|21 मई 2026: उत्तर प्रदेश इस समय गर्मी के उस दौर से गुजर रहा है, जहां दोपहर की सड़कें सूनी पड़ने लगी हैं और शाम के बाद भी राहत महसूस नहीं हो रही। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान लगातार ऊंचाई छू रहा है और लू के तेज थपेड़ों ने लोगों की दिनचर्या पर सीधा असर डाला है। बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि बांदा सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
यूपी में भीषण गर्मी: आखिर क्यों बढ़ रही है महसूस होने वाली गर्मी?
सिर्फ तापमान बढ़ना ही परेशानी की वजह नहीं है। इस बार लोगों को वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विज्ञान की भाषा में इसे हीट इंडेक्स या आभासी गर्मी (Feels Like Temperature) कहा जाता है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार उत्तर भारत से पूर्वोत्तर क्षेत्र की ओर सक्रिय एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसी के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में पुरवाई (पूर्वी हवाएं) चल रही हैं।
आमतौर पर लोग हवा को राहत से जोड़ते हैं, लेकिन इस समय स्थिति उलटी है। जब हवा में नमी बढ़ती है और तापमान पहले से अधिक होता है, तब शरीर का पसीना तेजी से नहीं सूखता। इसी कारण शरीर को सामान्य से ज्यादा गर्मी महसूस होती है और बेचैनी बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार यही वजह है कि कई इलाकों में तापमान और महसूस होने वाली गर्मी के बीच बड़ा अंतर देखा जा रहा है।
अगले तीन से चार दिन राहत के आसार कम
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार पूर्वी और दक्षिणी उत्तर प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक भीषण लू जारी रह सकती है। दिन के साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
रात में तापमान सामान्य से ऊपर रहने का मतलब है कि लोगों को शरीर को ठंडा होने का पर्याप्त समय नहीं मिलेगा, जिससे गर्मी का असर स्वास्थ्य पर और ज्यादा पड़ सकता है।
इन 10 जिलों में जारी हुआ रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए इन जिलों में अत्यधिक गर्मी और लू का रेड अलर्ट जारी किया है—
- बांदा
- चित्रकूट
- कौशांबी
- प्रयागराज
- फतेहपुर
- प्रतापगढ़
- मिर्जापुर
- वाराणसी
- भदोही
- जौनपुर
इसके अलावा प्रदेश के 23 अन्य जिलों के लिए भी अतिशय गर्मी और लू को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
प्रदेश के सबसे गर्म जिले, जहां पारा पहुंचा खतरनाक स्तर पर
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) |
|---|---|
| बांदा | 47.6 |
| प्रयागराज | 46.6 |
| वाराणसी | 45.6 |
| सुल्तानपुर | 45.2 |
| हमीरपुर | 45.2 |
इन तापमानों ने मई के अंतिम हिस्से में सामान्य मौसम पैटर्न से अलग स्थिति पैदा कर दी है।
लू के दौरान क्यों बढ़ जाता है खतरा?
तेज गर्मी और गर्म हवाओं के लंबे संपर्क से शरीर का तापमान नियंत्रण तंत्र प्रभावित हो सकता है। इससे—
- डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है
- सिरदर्द और थकावट महसूस होती है
- चक्कर या कमजोरी हो सकती है
- लंबे समय तक संपर्क रहने पर हीट स्ट्रेस की स्थिति बन सकती है
विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी लें और बच्चों तथा बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दें।
फिलहाल मौसम के संकेत यही बता रहे हैं कि उत्तर प्रदेश को अगले कुछ दिन और गर्मी की इस कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ सकता है।










