लखनऊ|03 जून 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और मोटे अनाजों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में मक्का खरीद योजना को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत प्रदेश सरकार 25 हजार मीट्रिक टन मक्का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदेगी।
सरकार ने मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। खरीद प्रक्रिया 15 जून से शुरू होकर 31 जुलाई 2026 तक चलेगी। इसके लिए प्रदेश के 25 जिलों में कुल 150 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां किसान अपनी उपज बेच सकेंगे।
मक्का खरीद से किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य
सरकार का मानना है कि कई बार बाजार में कीमतें समर्थन मूल्य से नीचे चली जाती हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में मक्का खरीद की यह व्यवस्था किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए यह खरीद नीति लागू की है। इसके तहत किसानों से सीधे मक्का खरीदा जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और भुगतान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सकेगी।
आधार और खतौनी के आधार पर होगी खरीद
सरकारी व्यवस्था के अनुसार किसानों का पंजीकरण और सत्यापन पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। मक्का खरीद किसानों की कम्प्यूटराइज्ड सत्यापित खतौनी और आधार कार्ड के आधार पर की जाएगी।
इसके अलावा किसान की भूमि और बोए गए मक्का के रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग की भूलेख वेबसाइट से लिंक कर किया जाएगा। इससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और केवल वास्तविक उत्पादकों को ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
48 घंटे के भीतर खाते में पहुंचेगा भुगतान
किसानों के लिए सबसे राहतभरी बात यह है कि उन्हें अपनी उपज बेचने के बाद भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने निर्देश दिया है कि क्रय एजेंसियां खरीदे गए मक्का का मूल्य किसानों के आधार से जुड़े और एनपीसीआई में मैप्ड बैंक खातों में 48 घंटे के भीतर हस्तांतरित करेंगी।
डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर की यह व्यवस्था भुगतान प्रक्रिया को तेज और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इन 25 जिलों में खुलेंगे मक्का खरीद केंद्र
कैबिनेट की मंजूरी के बाद खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि मक्का खरीद के लिए प्रदेश के 25 जिलों में क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इन जिलों में फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बदायूं, शाहजहांपुर, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, बहराइच, बलिया, गोंडा, फतेहपुर और मीरजापुर शामिल हैं।
इन जिलों का चयन मक्का उत्पादन और किसानों की संख्या को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि अधिक से अधिक उत्पादकों तक सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ पहुंच सके।
मोटे अनाज को बढ़ावा देने की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि मोटे अनाजों को बढ़ावा देना केवल किसानों की आय बढ़ाने का विषय नहीं है, बल्कि पोषण सुरक्षा और जलवायु अनुकूल कृषि को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य सरकार की यह पहल ऐसे समय में आई है जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर मोटे अनाजों के उत्पादन और उपभोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मक्का खरीद योजना से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलने के साथ-साथ भविष्य में इस फसल के रकबे में भी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।









