14 जून 2026|नई दिल्ली। भारत की ऊर्जा नीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने 100% एथेनॉल फ्यूल के उपयोग को कानूनी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को घोषणा की कि उन्होंने 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के इस्तेमाल को अनुमति देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। सरकार का मानना है कि यह कदम देश की आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाने और स्वदेशी वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम साबित होगा।
नागपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गडकरी ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों का विस्तार समय की जरूरत है।
100% एथेनॉल फ्यूल से घटेगा आयातित ईंधन पर खर्च
गडकरी ने कहा कि 100% एथेनॉल फ्यूल में पेट्रोल का व्यावहारिक विकल्प बनने की क्षमता मौजूद है। भारत हर वर्ष कच्चे तेल और अन्य जीवाश्म ईंधनों के आयात पर बड़ी राशि खर्च करता है। ऐसे में एथेनॉल आधारित ईंधन के व्यापक उपयोग से विदेशी मुद्रा की बचत के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत हो सकती है।
उन्होंने बताया कि एथेनॉल उत्पादन में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जिससे किसानों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। सरकार लंबे समय से जैव ईंधन (Biofuel) आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
शुरुआत में हुआ विरोध, अब हकीकत बन रहा सपना
अपने संबोधन के दौरान गडकरी ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार एथेनॉल आधारित परिवहन व्यवस्था की बात की थी, तब कई लोगों ने इस विचार को गंभीरता से नहीं लिया था।
उन्होंने कहा, “मैं इस सपने के बारे में वर्षों से बात कर रहा था। उस समय कई लोग इस पर हंसते थे और कुछ मित्रों ने इसकी आलोचना भी की थी। लेकिन आज यह विचार धीरे-धीरे वास्तविकता में बदल रहा है।”
गडकरी का कहना है कि नई तकनीक और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने से भारत भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेगा।
जल्द लॉन्च होंगे 100% एथेनॉल से चलने वाले वाहन
सरकार की मंजूरी के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी हलचल तेज हो गई है। गडकरी ने बताया कि कई प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां पूरी तरह एथेनॉल आधारित वाहनों को बाजार में उतारने की तैयारी कर रही हैं।
उनके अनुसार टोयोटा, सुजुकी, एमजी और हुंडई जैसी कंपनियां अगले लगभग डेढ़ महीने के भीतर 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाले वाहन पेश कर सकती हैं। इससे उपभोक्ताओं को पारंपरिक पेट्रोल वाहनों के विकल्प के रूप में नया विकल्प मिलेगा।
E85 ईंधन की शुरुआत के बाद बड़ा कदम
गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने E85 ईंधन को भी पेश किया था, जिसे विशेष रूप से E85-संगत फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए तैयार किया गया है। अब 100% एथेनॉल फ्यूल को कानूनी मंजूरी मिलने के बाद वैकल्पिक ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था को और गति मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एथेनॉल उत्पादन, वितरण और वाहन तकनीक का नेटवर्क तेजी से विकसित होता है, तो आने वाले वर्षों में भारत के ईंधन बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में यह फैसला एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।











