प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेशेल्स दौरा भारत और हिंद महासागर क्षेत्र की कूटनीतिक रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स ने स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल परिवर्तन, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और अंतरिक्ष सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को नई दिशा देने पर सहमति जताई। इस दौरान भारत ने सेशेल्स के लिए 1,250 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC) की घोषणा भी की, जिसे दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता में द्विपक्षीय सहयोग के लगभग हर महत्वपूर्ण पहलू पर विस्तार से चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने डिजिटल बदलाव, अक्षय ऊर्जा, सतत विकास, सामाजिक बुनियादी ढांचे, क्षमता निर्माण, रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
हिंद महासागर की सुरक्षा पर भी रहा विशेष फोकस
बैठक में हिंद महासागर क्षेत्र के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा हुई। अवैध मछली पकड़ने, समुद्री डकैती, नशीले पदार्थों की तस्करी और समुद्री अपराधों से निपटने के लिए दोनों देशों ने मिलकर काम करने पर जोर दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि वह सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रयासों में हरसंभव सहयोग जारी रखेगा।
दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक विशेष स्मृति-लोगो भी जारी किया गया, जो दोनों देशों की लंबे समय से चली आ रही मित्रता का प्रतीक माना जा रहा है।
यूपीआई, अंतरिक्ष, कृषि और स्वास्थ्य समेत कई क्षेत्रों में हुए समझौते
पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा केवल राजनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा। इस दौरान यूपीआई, अंतरिक्ष सहयोग, कृषि, स्वास्थ्य, शिपिंग, प्रत्यर्पण और अन्य कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। भारत की ओर से घोषित 1,250 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट से सेशेल्स में आधारभूत ढांचे और विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही सेशेल्स ने आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के गठबंधन (CDRI) में शामिल होने का फैसला भी किया। खाद्य सुरक्षा, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में भी नई पहल की घोषणा की गई।
नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी
इस यात्रा की एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए। अपने संबोधन में उन्होंने लोकतंत्र, कानून के शासन और दोनों देशों के बीच दशकों पुराने भरोसेमंद रिश्तों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच आपसी विश्वास ने विकास, तकनीक और जनकल्याण के क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी की नींव रखी है। साथ ही संसदीय सहयोग को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
विपक्ष के नेता से भी की मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के विपक्ष के नेता बर्नार्ड जार्ज से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स संबंधों को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने भारत के प्रति सकारात्मक सहयोग और समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त किया तथा कहा कि सेशेल्स के विभिन्न वर्गों में भारत के प्रति जो विश्वास और अपनापन दिखाई देता है, वह दोनों देशों की मित्रता को और मजबूत बनाता है।
‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान से सम्मानित हुए प्रधानमंत्री
जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और सतत विकास को बढ़ावा देने में योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण, समुद्री पारिस्थितिकी और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में उनके वैश्विक नेतृत्व की सराहना के रूप में दिया गया।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और मॉरीशस के बीच चल रही विकास परियोजनाओं, आर्थिक सहयोग और स्वास्थ्य क्षेत्र में साझेदारी की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत, मॉरीशस की विकास यात्रा में एक भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा।












