लखनऊ/01 जुलाई 2026: यूपी बोर्ड के मेधावी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। UP Board Toppers Scholarship योजना के तहत अब हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लगातार दो वर्षों तक मासिक छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके साथ ही आर्थिक रूप से जरूरतमंद परिवारों और एकल माताओं के बच्चों के लिए शिक्षण शुल्क में विशेष छूट देने का भी फैसला किया गया है। यह निर्णय इंडिया लिटरेसी बोर्ड की कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिया गया।
UP Board Toppers Scholarship के तहत दो साल तक मिलेगी आर्थिक सहायता
इंडिया लिटरेसी बोर्ड की निदेशक संध्या तिवारी ने बताया कि छात्रवृत्ति योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत वर्ष 2026 की यूपी बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को दो वर्षों तक हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी।
नई व्यवस्था के अनुसार हाईस्कूल के प्रदेश टॉपर को 3,000 रुपये प्रतिमाह, जबकि इंटरमीडिएट के प्रदेश टॉपर को 5,000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति लगातार दो साल तक प्रदान की जाएगी।
इन सभी विद्यार्थियों को 17 सितंबर को आयोजित होने वाले डॉ. वेल्दी फिशर जयंती समारोह में सम्मानित भी किया जाएगा।
2026 के यूपी बोर्ड टॉपर्स को मिलेगा योजना का लाभ
वर्ष 2026 की यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने 97.83 प्रतिशत अंक हासिल कर संयुक्त रूप से प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में शिखा वर्मा ने 97.60 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश की टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।
इन्हीं मेधावी विद्यार्थियों को सबसे पहले UP Board Toppers Scholarship योजना का लाभ मिलेगा।
स्कूल स्तर के मेधावी छात्रों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
इंडिया लिटरेसी बोर्ड द्वारा संचालित वेल्दी फिशर चिल्ड्रेंस अकादमी के विद्यालय स्तर के टॉपर्स को भी इस प्रोत्साहन योजना में शामिल किया गया है।
वर्ष 2026 में विद्यालय की छात्रा उम्मे हबीबा ने हाईस्कूल परीक्षा में 88.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में पहला स्थान हासिल किया। संस्था ने ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी सम्मानित करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरणा और सहयोग मिल सके।
जरूरतमंद परिवारों के लिए फीस में विशेष छूट
इंडिया लिटरेसी बोर्ड ने आर्थिक रूप से कमजोर और विशेष परिस्थितियों वाले परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से शिक्षण शुल्क में छूट की नई व्यवस्था भी लागू की है।
नई नीति के अनुसार एक ही परिवार के दूसरे बच्चे को 20 प्रतिशत शिक्षण शुल्क में छूट मिलेगी। वहीं, एकल मां (सिंगल मदर) के पहले और दूसरे दोनों बच्चों को 30-30 प्रतिशत शुल्क में रियायत दी जाएगी। संस्था का मानना है कि आर्थिक कारणों से किसी भी बच्चे की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में डॉ. वेल्दी फिशर का अहम योगदान
डॉ. वेल्दी होंसिंगर फिशर अमेरिका की प्रसिद्ध शिक्षाविद और समाजसेवी थीं। भारत में साक्षरता अभियान को मजबूत बनाने और लखनऊ में लिटरेसी हाउस की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके शिक्षा और सामाजिक उत्थान के कार्यों को सम्मान देने के लिए हर वर्ष उनकी जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाता है।










