सहारनपुर, 01 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर के कंपोजिट स्कूल इस्माईलपुर से स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की सबसे मजबूत आधारशिला बताते हुए कहा कि अच्छी शिक्षा ही बच्चों को सुसभ्य, संस्कारित और जिम्मेदार नागरिक बनाती है। उन्होंने शिक्षकों से अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने और पढ़ाई के तरीकों को समय के अनुरूप बदलने का भी आह्वान किया।
मां शाकंभरी की कृपा से अभियान की शुरुआत होने को बताया शुभ संकेत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां शाकंभरी की पावन धरती से स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने सहारनपुर में हो रही बारिश का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि किसानों, आमजन और प्रदेश के लिए मां शाकंभरी का आशीर्वाद है।
उन्होंने कहा कि समय पर हुई वर्षा अन्नदाताओं के लिए राहत लेकर आई है और प्रदेश को भीषण गर्मी से भी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने मां शाकंभरी के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया।
‘अच्छी शिक्षा से तैयार होंगे बेहतर नागरिक और बेहतर भारत’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का सबसे प्रभावी साधन है। उनके अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही समाज को अच्छे शिक्षक, चिकित्सक, इंजीनियर, न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाना है तो नई पीढ़ी को मजबूत शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी सोच के साथ सरकार शिक्षा के स्तर में लगातार सुधार के लिए काम कर रही है।
2017 के बाद सरकारी स्कूलों की बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बेसिक शिक्षा परिषद के केवल लगभग 36 प्रतिशत विद्यालय ही व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहे थे। कई स्कूलों में पेयजल, फर्नीचर, पुस्तकालय, बिजली और मिड-डे मील जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था।
उन्होंने बताया कि सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के विकास का व्यापक अभियान चलाया। साथ ही अधिकारियों और उद्यमियों से विद्यालयों को गोद लेने की अपील की गई, जिसका सकारात्मक परिणाम आज देखने को मिल रहा है। अब सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ व्यवस्थित रूप से मिल रहा है।
शिक्षकों से घर-घर जाकर नामांकन बढ़ाने की अपील
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक घर तक पहुंचने और अधिक से अधिक बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से कोई भी बच्चा वंचित नहीं रहना चाहिए और हर वर्ग के विद्यार्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि की है और शिक्षकों के हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं, ताकि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
पढ़ाने का तरीका बदलने पर दिया जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षण पद्धति में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों को डराकर नहीं, बल्कि प्रेरित करके सीखने का वातावरण बनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि कविता, कहानी, गतिविधियों और रोचक शिक्षण विधियों के माध्यम से बच्चों में सीखने की रुचि विकसित की जाए। उनका मानना है कि विद्यालय ऐसा स्थान बने जहां बच्चे खुशी और उत्साह के साथ पढ़ने आएं और आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की ओर आगे बढ़ें।










