03 जुलाई 2026|नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरे को लेकर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने बड़ा बयान देते हुए भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया और कहा कि न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद यह यात्रा आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
पीएम मोदी न्यूजीलैंड दौरा: आर्थिक रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि अगले सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी अपनी पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा पर आएंगे, जिसका दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
लक्सन ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। ऐसे में न्यूजीलैंड के लिए भारत के साथ मजबूत आर्थिक साझेदारी केवल व्यापार का विषय नहीं, बल्कि भविष्य की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुक्त व्यापार समझौते से बढ़ेंगी व्यापार और निवेश की संभावनाएं
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा कि अप्रैल में हुए भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के जरिए दोनों देशों के संबंध एक नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं। उनका कहना है कि इस समझौते से न्यूजीलैंड में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, निर्यात को नई गति मिलेगी और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि करीब 1.4 अरब आबादी वाले भारतीय बाजार तक बेहतर पहुंच मिलने से न्यूजीलैंड के उत्पादों और सेवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। इसका सीधा लाभ वहां के उद्योगों, किसानों, कारोबारियों और स्थानीय समुदायों को मिलेगा।
10 जुलाई को ऑकलैंड पहुंचेंगे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जुलाई को ऑकलैंड पहुंचेंगे और 11 जुलाई को अपनी यात्रा पूरी कर वापस लौटेंगे। यह दौरा भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के लगभग दो महीने बाद हो रहा है, इसलिए इसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत और न्यूजीलैंड ने 16 मार्च 2025 को मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू की थी। रिकॉर्ड नौ महीनों के भीतर बातचीत पूरी होने के बाद अप्रैल 2026 में समझौते पर सहमति बनी, जिसे दोनों देशों के बीच अब तक का सबसे तेज़ी से संपन्न मुक्त व्यापार समझौता माना जा रहा है।
FTA से भारतीय निर्यातकों को क्या होगा फायदा?
मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में व्यापक पहुंच मिलेगी। भारतीय उत्पादों पर लगने वाले 100 प्रतिशत टैरिफ को समाप्त किए जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे कई क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
इसके अलावा न्यूजीलैंड भारत में लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की योजना पर भी आगे बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि इससे विनिर्माण, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में दीर्घकालिक निवेश एवं रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
कृषि क्षेत्र में भी बढ़ेगा सहयोग
दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। समझौते के तहत सेब, कीवी, मनुका शहद और एल्ब्यूमिन जैसे चयनित न्यूजीलैंड कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। वहीं भारत और न्यूजीलैंड बागवानी, शहद उत्पादन, वानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं।
आर्थिक साझेदारी लगातार हो रही मजबूत
भारत और न्यूजीलैंड के संबंध मजबूत आर्थिक सहयोग, व्यापार और लोगों के बीच बढ़ते संपर्क पर आधारित हैं। वर्तमान में न्यूजीलैंड, ओशिनिया क्षेत्र में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2024 के दौरान न्यूजीलैंड का कुल आयात लगभग 47 अरब अमेरिकी डॉलर और निर्यात 42 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। वहीं, न्यूजीलैंड अपनी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का करीब 8 प्रतिशत हर वर्ष विदेशी निवेश के रूप में विभिन्न देशों में निवेश करता है।
प्रधानमंत्री मोदी की आगामी यात्रा से उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि सहयोग, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलेगी, जिससे भारत-न्यूजीलैंड संबंध और अधिक मजबूत होंगे।











