लखनऊ/03 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में हरित ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यूपी ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) और कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने शुक्रवार को संयुक्त उपक्रम (जॉइंट वेंचर) समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के जरिए प्रदेश में सौर, पवन, फ्लोटिंग सोलर, रूफटॉप सोलर और पंप्ड स्टोरेज जैसी आधुनिक नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विकास किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि यह पहल सिर्फ बिजली उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, स्वच्छ ऊर्जा निवेश आकर्षित करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
यूपी ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बड़ा निवेश, बनेगी नई संयुक्त उद्यम कंपनी
समझौते पर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी और कोल इंडिया के निदेशक (बिजनेस डेवलपमेंट) आशीष कुमार की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।
समझौते के तहत 51:49 हिस्सेदारी के साथ एक नई संयुक्त उद्यम (Joint Venture) कंपनी गठित की जाएगी। इसमें 51 प्रतिशत हिस्सेदारी कोल इंडिया लिमिटेड और 49 प्रतिशत हिस्सेदारी यूपीआरवीयूएनएल की होगी।
नई कंपनी परियोजनाओं की योजना बनाने से लेकर वित्तपोषण, निर्माण, संचालन और रखरखाव तक की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी। इससे बड़े स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सौर, पवन और फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं पर रहेगा विशेष फोकस
इस साझेदारी के तहत प्रदेश में कई प्रकार की हरित ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया जाएगा। इनमें ग्राउंड माउंटेड सोलर प्लांट, पवन ऊर्जा परियोजनाएं, जलाशयों पर आधारित फ्लोटिंग सोलर प्लांट, रूफटॉप सोलर सिस्टम और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं शामिल हैं।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार इन परियोजनाओं से स्वच्छ बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में बढ़ती बिजली मांग को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति होगी मजबूत
अधिकारियों का कहना है कि इस संयुक्त उपक्रम के माध्यम से कोल इंडिया की वित्तीय क्षमता और बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन का अनुभव, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की बिजली उत्पादन विशेषज्ञता के साथ जुड़ जाएगा।
इससे प्रदेश में हरित ऊर्जा उत्पादन को नई रफ्तार मिलने के साथ-साथ बिजली आपूर्ति और अधिक विश्वसनीय बनने की उम्मीद है। साथ ही पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन घटाने के राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।
उत्तर प्रदेश की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति को मिलेगा बल
अधिकारियों के अनुसार यह संयुक्त उपक्रम उत्तर प्रदेश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और सतत विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार को उम्मीद है कि यूपी ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में यह साझेदारी आने वाले वर्षों में प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के प्रमुख केंद्रों में शामिल करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।










