नई दिल्ली, 09 जुलाई 2026। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुरुवार को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में भव्य स्वागत हुआ। करीब 30 हजार प्रवासी भारतीयों की मौजूदगी में आयोजित इस मेगा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक भूमिका, भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों, भारतीय संस्कृति और आतंकवाद के खिलाफ देश की नीति पर विस्तार से अपनी बात रखी। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकियों के ठिकानों पर हुई कार्रवाई की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर दिया कड़ा संदेश
प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकवादी ठिकानों पर हुई कार्रवाई केवल सीमित सैन्य अभियान नहीं थी, बल्कि पूरी दुनिया ने उसकी गूंज महसूस की।
उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डेमो तो आपने देख ही लिया होगा। धमाके पड़ोसियों के यहां हो रहे थे, लेकिन उनकी गूंज पूरी दुनिया ने सुनी। आतंकी ठिकानों पर इस कड़े प्रहार से हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हुआ।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत केवल आगे बढ़ने की नहीं, बल्कि लगातार और तेज़ी से आगे बढ़ने की सोच के साथ काम कर रहा है। उन्होंने “ग्रो मोर, ग्रो मोर” का संदेश देते हुए देश की विकास यात्रा का भी उल्लेख किया।
मार्वल स्टेडियम में जगमगा उठा पूरा माहौल
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के साथ मंच पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद भारतीय समुदाय से अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाने का आग्रह किया। कुछ ही क्षणों में पूरा मार्वल स्टेडियम रोशनी से जगमगा उठा और कार्यक्रम का माहौल उत्साह से भर गया।
प्रवासी भारतीयों ने भारत माता के जयकारों और तालियों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
‘भारतीय जहां जाते हैं, वहां मिठास घोल देते हैं’
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय समाज दुनिया के हर कोने में अपनी मेहनत, संस्कार और अपनत्व की पहचान छोड़ता है।
उन्होंने कहा, “हम भारतीय ऐसे हैं जैसे दूध में चीनी घुल जाती है और उसे और मीठा बना देती है। उसी तरह भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां अपने संस्कार, प्रेम और विश्वास की मिठास घोल देते हैं।”
उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि ऑस्ट्रेलिया का दूध भले घरों में आता हो, लेकिन उससे बनने वाली चाय भारतीय स्वाद की ही होती है।
भारतीय संस्कृति और नई पीढ़ी का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर में नई पीढ़ी इसे आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि आज ‘भजन क्लबिंग’ जैसा नया ट्रेंड युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया में भी सप्ताहांत के दौरान कहीं भगवान सत्यनारायण की कथा होती है, कहीं गुरुद्वारों में अरदास, कहीं भरतनाट्यम और भांगड़ा की प्रस्तुतियां होती हैं तो कहीं क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। यह भारतीय संस्कृति की जीवंतता का प्रमाण है।
‘मदद करते समय भारत पासपोर्ट नहीं देखता’
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक मानवीय सहायता में भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में भारत हमेशा सबसे पहले मदद के लिए आगे आता है।
उन्होंने वेनेजुएला में आए भूकंप के बाद भारतीय सेना के ऑपरेशन अमिस्ताद का उल्लेख किया। साथ ही तुर्किये और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान भारत द्वारा भेजी गई राहत सामग्री और बचाव दलों की भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि भारत जब किसी देश की सहायता करता है तो वह लोगों का पासपोर्ट नहीं देखता, बल्कि मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। यही कारण है कि आज दुनिया का भारत पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
शिक्षा और नवाचार में मजबूत हो रहे भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
उन्होंने बताया कि हजारों भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया की डीकिन और वोलोंगोंग विश्वविद्यालय भारत में अपने परिसर शुरू कर चुके हैं। अन्य ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय भी भारत में संस्थान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल शैक्षणिक विस्तार नहीं, बल्कि भविष्य के वैश्विक नेतृत्व और कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2014 के दौरे को किया याद, बोले- अब इंतजार नहीं करना पड़ता
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 2014 के ऑस्ट्रेलिया दौरे को याद करते हुए कहा कि उस समय करीब 28 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया की यात्रा की थी।
उन्होंने कहा कि तब उन्होंने वादा किया था कि अगली बार भारतीय प्रधानमंत्री के आने के लिए लोगों को फिर 28 साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पिछले 12 वर्षों में यह उनकी ऑस्ट्रेलिया की तीसरी यात्रा है, जो दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का प्रमाण है।
विक्टोरिया की प्रीमियर ने किया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत में विक्टोरिया की प्रीमियर जेसिंटा एलन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विक्टोरिया भारतीय समुदाय के योगदान और मूल्यों का सम्मान करता है। उनके अनुसार भारत और विक्टोरिया का रिश्ता केवल व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि विश्वास और साझेदारी पर आधारित है। उन्होंने भारत के नागरिकों को विक्टोरिया आने का आमंत्रण भी दिया।












