नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026: भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए ट्रेन टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान, तेज और सुविधाजनक बनाने की तैयारी में है। इसी दिशा में रेलवे जल्द नई IRCTC वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च करने जा रहा है। नई वेबसाइट को आधुनिक पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) से जोड़ा जाएगा, जिससे टिकट बुकिंग का पूरा अनुभव पहले की तुलना में कहीं अधिक सहज होगा।
लॉन्च से पहले जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के छात्रों को वेबसाइट का डेमो दिखाया गया। रेलवे ने छात्रों से मिले सुझावों के आधार पर इंटरफेस और बुकिंग प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, ताकि यात्रियों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
नई IRCTC वेबसाइट में होंगे ये 4 बड़े बदलाव
रेलवे के मुताबिक, नई वेबसाइट में उपयोगकर्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए चार प्रमुख बदलाव किए गए हैं।
पहला, टिकट बुकिंग के दौरान अब बार-बार आने वाले अनावश्यक कैप्चा, पॉप-अप और फ्लैशिंग ग्राफिक्स नहीं दिखाई देंगे, जिससे वेबसाइट ज्यादा साफ और तेज महसूस होगी।
दूसरा, यात्रियों को किसी ट्रेन की सभी श्रेणियों (क्लास) में सीटों की उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर दिखाई देगी। इससे अलग-अलग क्लास चुनकर बार-बार खोज करने की जरूरत नहीं होगी।
तीसरा, टिकट बुकिंग के लिए पहले की तुलना में कम चरण (स्टेप्स) पूरे करने होंगे। इससे समय की बचत होगी और खासकर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान प्रक्रिया अधिक तेज हो जाएगी।
चौथा, यात्रियों की प्रोफाइल और जरूरी जानकारी सुरक्षित रहने से दोबारा टिकट बुक करना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। हर बार पूरी जानकारी भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम से जुड़ेगी वेबसाइट
रेलवे ने बताया कि नई IRCTC वेबसाइट को भारतीय रेलवे के अपग्रेड किए जा रहे पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) से जोड़ा जा रहा है। करीब 40 वर्ष पुराने इस सिस्टम को आधुनिक तकनीक के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। खास बात यह है कि अपग्रेड के दौरान भी टिकट बुकिंग सेवाओं को बिना बाधा जारी रखा गया है।
रेलवे का कहना है कि नया रिजर्वेशन सिस्टम लागू होने के बाद टिकट बुकिंग की क्षमता, गति और स्थिरता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
MNIT छात्रों के सुझावों से हुआ इंटरफेस में सुधार
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई वेबसाइट के विकास में जयपुर के एमएनआईटी के छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सबसे पहले इन्हीं छात्रों ने मौजूदा वेबसाइट की कई कमियों की ओर ध्यान आकर्षित किया था। इसी वजह से 10 जुलाई को बीटा वर्जन की समीक्षा भी उन्हीं छात्रों के साथ की गई।
छात्रों से मिले सुझावों के आधार पर वेबसाइट को अधिक यूजर फ्रेंडली, सरल और तेज बनाने के लिए कई बदलाव किए गए हैं।
रेलवन ऐप ने पार किया 4 करोड़ डाउनलोड का आंकड़ा
भारतीय रेलवे ने यह भी जानकारी दी कि रेलवन (RailOne) ऐप के डाउनलोड 4 करोड़ से अधिक हो चुके हैं। यह देश का सबसे बड़ा रेलवे सेवा ऐप बन चुका है, जहां यात्रियों को टिकट बुकिंग, ट्रेन संबंधी जानकारी और रेलवे की कई अन्य प्रमुख सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।
रेलवे का मानना है कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार से यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के साथ-साथ टिकट बुकिंग प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
तत्काल टिकट में बॉट्स पर रेलवे की सख्ती जारी
रेलवे ने बताया कि तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान बॉट्स और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग को रोकने के लिए लगातार तकनीकी उपाय किए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार, इन प्रयासों से कुछ हद तक सुधार देखने को मिला है, लेकिन यह चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
रेलवे ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी तकनीकों पर निगरानी और सुरक्षा उपाय लगातार मजबूत किए जाएंगे, ताकि वास्तविक यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान निष्पक्ष और बेहतर अवसर मिल सके।











