लखनऊ/4 सितंबर 2026। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। दोनों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को आज के दौर में भी प्रासंगिक बताते हुए लोगों से उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य, प्रेम, करुणा, नारी सम्मान, समरसता और लोककल्याण जैसे उच्च आदर्शों की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से निष्काम कर्म और कर्तव्यनिष्ठा का जो संदेश दिया, उसकी प्रासंगिकता समय के साथ कम नहीं हुई है।
राज्यपाल ने कहा कि गीता में दिया गया धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने का संदेश केवल किसी एक वर्ग या समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक है। जन्माष्टमी का पर्व इसी संदेश को स्मरण करने और अपने आचरण में उतारने का अवसर भी है।
जन्माष्टमी पर CM योगी ने दिया धर्म और कर्तव्य का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई देते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन लोगों को धर्म, सत्य, न्याय और कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब समाज में अधर्म और अन्याय बढ़ने लगे, तब सत्य और धर्म की स्थापना के लिए दृढ़ता के साथ खड़ा होना आवश्यक है। उनके जीवन में संघर्ष भी है और नीति का संदेश भी; कर्तव्य की सीख है तो लोककल्याण की भावना भी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन व्यक्ति को अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहने और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उनका संदेश केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के कठिन निर्णयों में भी मार्गदर्शन प्रदान करता है।
जन्माष्टमी का पर्व देता है लोककल्याण की प्रेरणा
भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा में जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। यह पर्व आस्था के साथ-साथ उन मूल्यों को याद करने का अवसर भी है, जिनका संदेश श्रीकृष्ण ने अपने जीवन और गीता के माध्यम से दिया।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के संदेशों में भी इसी व्यापक दृष्टिकोण पर जोर दिया गया। दोनों ने भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सत्य, धर्म, कर्तव्य, न्याय और लोककल्याण की भावना को मजबूत करने की बात कही।










