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‘आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े, लेकिन हमारी आस्था नहीं तोड़ सके’, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में बोले CM योगी

On: September 4, 2026
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में बोले CM योगी
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लखनऊ/4 सितंबर 2026। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय आस्था और सांस्कृतिक विरासत को लेकर कहा कि इतिहास में अनेक आक्रमण हुए, मंदिर तोड़े गए और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन भारत की आस्था और उसके मूल्यों को समाप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि मूर्तियां तोड़ी जा सकती हैं, मंदिरों पर दूसरी इमारतें खड़ी की जा सकती हैं, लेकिन लोगों के मन में बसे भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को कोई नहीं मिटा सकता।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता ने कठिन दौर देखे हैं, लेकिन हर चुनौती के बाद उसकी सांस्कृतिक चेतना और अधिक मजबूती के साथ सामने आई है।

योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ, अयोध्या और काशी का उदाहरण देते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर कई बार तोड़ा गया, लेकिन उसे बार-बार बनाया गया। अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर भी कई बार ध्वस्त हुआ, लेकिन आज वहां भव्य मंदिर अपनी पताका के साथ खड़ा है। इसी तरह काशी विश्वनाथ मंदिर को भी कई बार नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से उसे भव्य स्वरूप मिला।

उन्होंने कहा कि इतिहास की यह यात्रा बताती है कि भारत को मिटाने का प्रयास करने वाले स्वयं इतिहास के पन्नों में मिट गए, जबकि भारत आज भी जीवंत और जागृत है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी देती है संघर्ष और प्रकाश का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के उस शाश्वत संदेश से जुड़ने का अवसर है, जो हजारों वर्षों से विषम और अनुकूल परिस्थितियों में समाज का मार्गदर्शन करता आया है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार की अंधेरी काल कोठरी में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने पूरे जीवन में विपरीत परिस्थितियों को चुनौती देते हुए समाज को प्रकाश की राह दिखाई। यही उनके जीवन की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है।

योगी ने कहा कि जब मनुष्य भ्रम और संशय में घिरता है, तब श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण का संदेश उसे मार्ग दिखाता है। श्रीकृष्ण का विराट व्यक्तित्व व्यक्ति को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और परिस्थितियों से संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।

कर्मक्षेत्र में श्रेष्ठ करने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश व्यक्ति को अपने कर्मक्षेत्र में स्वयं को पहचानने और वहां अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा देता है। आज भारत विकास की नई दिशा में आगे बढ़ने के लिए उत्सुक है, लेकिन यह प्रतिस्पर्धा सकारात्मक भावना के साथ होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा होगा, जब देश का प्रत्येक व्यक्ति अपने-अपने कर्मक्षेत्र में बेहतर करने का प्रयास करेगा। इसके लिए जरूरी है कि नागरिक अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पालन करें।

मुख्यमंत्री के संबोधन में श्रीकृष्ण के कर्मयोग के संदेश को वर्तमान भारत की विकास यात्रा से जोड़ने पर खास जोर रहा। उनका कहना था कि व्यक्तिगत स्तर पर कर्तव्यनिष्ठा से लेकर राष्ट्र निर्माण तक, हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन की भावना जरूरी है।

मथुरा-वृंदावन में उमड़े लाखों श्रद्धालु

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी के मौके पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह पिछले दिन से दोपहर तक वृंदावन और मथुरा में थे, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं।

योगी ने कहा कि लाखों लोगों की भीड़ के बावजूद सभी के मन में एक ही भावना है—भगवान के दर्शन करना। ब्रजभूमि में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां आज भी लोगों की आस्था का केंद्र हैं।

उन्होंने ब्रज की प्रकृति और पर्यावरण के प्रति स्थानीय लोगों की संवेदनशीलता का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के लोग अनावश्यक रूप से प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाते और यह भावना ब्रज की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है।

श्रीकृष्ण ने सिखाया- अन्याय का प्रतीक पूजनीय नहीं

मुख्यमंत्री ने गोवर्धन पूजा की परंपरा का उल्लेख करते हुए भगवान श्रीकृष्ण और इंद्र से जुड़ी कथा का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि इंद्र अपनी पूजा करवाना चाहते थे, लेकिन श्रीकृष्ण ने किसानों और पशुपालकों के संरक्षण तथा प्रकृति के महत्व को सामने रखा।

उन्होंने कहा कि इसी भाव के कारण आज भी गोवर्धन पूजा की जाती है। योगी ने कहा कि समाज को किसी ऐसे व्यक्ति या शक्ति की पूजा नहीं करनी चाहिए, जो अन्याय का प्रतीक हो। श्रीकृष्ण का संदेश यही है कि संरक्षण, कर्तव्य और लोककल्याण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

समारोह में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत, राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, मुख्य सचिव एसपी गोयल और डीजीपी राजीव कृष्ण समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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