नई दिल्ली/26 जून 2026: अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस के अवसर पर देशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए गए। इस मौके पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी समेत कई नेताओं ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। केंद्र सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि नशा मुक्त भारत केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने का राष्ट्रीय संकल्प है।
अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस पर ‘नशा मुक्त भारत’ का संकल्प दोहराया
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी करते हुए कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस समाज को जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और सामाजिक संगठनों की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयास देश को स्वस्थ और नशामुक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे के बजाय बेहतर स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और जीवन के उद्देश्य को अपनाएं। साथ ही समाज से आग्रह किया कि नशा छोड़ने की कोशिश कर रहे लोगों का सहयोग करें और उनके पुनर्वास में सहभागी बनें।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस पर देशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि मादक पदार्थ आज दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक अभियान छेड़ा है और ड्रग तस्करी के गिरोहों पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
अमित शाह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल तस्करी रोकना नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को बेहतर इलाज, देखभाल और पुनर्वास उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को नशे से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई में जुटे सभी अधिकारियों, एजेंसियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का योगदान सराहनीय है। यह दिन देश के हर नागरिक को नशा मुक्त भारत के संकल्प को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
चेन्नई में मुख्यमंत्री विजय ने एंटी-ड्रग रन को दिखाई हरी झंडी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई के मरीना बीच पर आयोजित ‘स्टार्ट रन, स्टॉप ड्रग्स’ जागरूकता दौड़ को हरी झंडी दिखाई। अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने स्वयं भी प्रतिभागियों के साथ दौड़ लगाई।
ट्रैकसूट, स्नीकर्स और एंटी-ड्रग टी-शर्ट पहने मुख्यमंत्री विजय ने युवाओं के साथ कदम मिलाकर नशे के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया।
तेलंगाना से भी दिया गया नशे के खिलाफ संदेश
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को नशे से दूरी बनानी होगी। उन्होंने युवाओं में अच्छे संस्कार और सकारात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया।
वहीं राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। समाज, परिवार और शिक्षण संस्थानों की साझा भागीदारी से ही नशामुक्त वातावरण तैयार किया जा सकता है।
क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस?
हर वर्ष 26 जून को संयुक्त राष्ट्र की पहल पर मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और अवैध ड्रग्स कारोबार के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाना है।
यह दिवस वर्ष 1989 से मनाया जा रहा है। 26 जून की तिथि चीन के सुधारक लिन जेक्सू द्वारा वर्ष 1839 में ग्वांगडोंग के हुमेन क्षेत्र में अफीम व्यापार पर की गई ऐतिहासिक कार्रवाई की स्मृति में चुनी गई थी। तब से यह दिन दुनिया भर में नशे के खिलाफ जनजागरूकता और सामूहिक संकल्प का प्रतीक बन चुका है।











