लखनऊ|03 जून 2026: उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच राज्य सरकार ने शहरों के नियोजित विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत आगरा, बरेली और प्रयागराज में विकसित किए जाने वाले नए शहरों के लिए 355.06 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल स्वीकृत कर दी गई है। इसके साथ ही प्रथम चरण में 225 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि जारी करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में नगर विकास विभाग के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी मिली। सरकार का मानना है कि यह फैसला आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने और आधुनिक नगरीय ढांचे के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
प्रदेश में शहरी आबादी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केवल मौजूदा शहरों का विस्तार ही पर्याप्त नहीं माना जा रहा, बल्कि नए और सुव्यवस्थित शहरी क्षेत्रों के विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना लागू की थी। योजना के संचालन के लिए छह अप्रैल 2023 को विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना से मिलेगा नए शहरों को आधार
योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि नए शहरों के विकास के लिए भूमि अर्जन पर होने वाले व्यय का 50 प्रतिशत तक हिस्सा राज्य सरकार सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराती है। यह सहायता अधिकतम 20 वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जाती है, जिससे विकास प्राधिकरणों और अन्य संबंधित एजेंसियों को बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के निर्माण में वित्तीय सहारा मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नए शहर की सफलता उसके शुरुआती निवेश और आधारभूत सुविधाओं पर निर्भर करती है। सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, परिवहन नेटवर्क, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सेवाओं जैसे ढांचागत विकास के लिए शुरुआती पूंजी बेहद महत्वपूर्ण होती है। यही कारण है कि सरकार ने सीड कैपिटल मॉडल को इस योजना का प्रमुख आधार बनाया है।
3500 करोड़ के बजट से मिलेगी विकास को रफ्तार
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी बजटीय व्यवस्था के अंतर्गत आगरा, बरेली और प्रयागराज में प्रस्तावित नए शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए 355.06 करोड़ रुपये तक की सीड कैपिटल स्वीकृत की गई है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पहली किश्त के रूप में 225 करोड़ रुपये जारी होने के बाद परियोजनाओं से जुड़े प्रारंभिक कार्यों को गति मिलेगी। इससे भूमि विकास, आधारभूत संरचना निर्माण और भविष्य की नगरीय योजनाओं के क्रियान्वयन का मार्ग भी आसान होगा।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार होंगे नए शहर
राज्य सरकार का लक्ष्य केवल नए आवासीय क्षेत्र विकसित करना नहीं है, बल्कि ऐसे आधुनिक शहर तैयार करना है जो आने वाले दशकों की जरूरतों को पूरा कर सकें। नियोजित विकास के जरिए यातायात, आवास, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का यह निर्णय आगरा, बरेली और प्रयागराज जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नए शहरी क्षेत्रों के विकास से निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिल सकेगी।








