नई दिल्ली|10 जून 2026: देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम गुरुवार को उठाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित होने वाली NITI आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय को मजबूत करने के साथ-साथ मानव विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है।
इस बार बैठक की थीम ‘विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ रखी गई है। सरकार का मानना है कि विकसित भारत का सपना केवल आर्थिक प्रगति से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और सामाजिक समानता को भी समान महत्व देना होगा।
NITI आयोग की 11वीं बैठक में मानव विकास रहेगा केंद्र में
बैठक में जिस समावेशी मानव विकास फ्रेमवर्क पर चर्चा होगी, वह चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इनमें बुनियादी मानव पूंजी का निर्माण, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास, उत्पादक रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा, बेहतर स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था तथा समाज के सभी वर्गों के लिए समान अवसर और सम्मान सुनिश्चित करना शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच इस बात पर भी मंथन होगा कि आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर कैसे बढ़ाए जाएं और कौशल विकास कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी कैसे बनाया जाए।
विकसित भारत 2047 के लिए बनेगी साझा रणनीति
बैठक में एक व्यापक रोडमैप पर चर्चा की जाएगी, जिसमें सुशासन को मजबूत बनाने, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के विस्तार, विभिन्न सरकारी योजनाओं के बेहतर तालमेल और डेटा आधारित निगरानी तंत्र को प्रभावी बनाने जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे।
इसके साथ ही अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक लक्ष्यों की समीक्षा और निगरानी की रूपरेखा पर भी विचार किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि राष्ट्रीय स्तर पर तय किए गए विकास लक्ष्यों को राज्यों की योजनाओं और प्राथमिकताओं के साथ बेहतर तरीके से जोड़ा जाए।
राज्यों की भूमिका पर रहेगा विशेष जोर
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल को केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग का सबसे महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। ऐसे में बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल और प्रशासक अपने-अपने सुझाव और अनुभव साझा कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में राज्यों की भूमिका सबसे अहम होगी, क्योंकि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक विकास से जुड़ी कई योजनाओं का क्रियान्वयन सीधे राज्य सरकारों के स्तर पर होता है।
मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों की होगी समीक्षा
बैठक में दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन से सामने आई सिफारिशों की भी समीक्षा की जाएगी। इन सिफारिशों का संबंध प्रारंभिक शिक्षा, स्कूली शिक्षा, कौशल विकास, उच्च शिक्षा और खेल क्षेत्र से है।
सरकार इन सुझावों को विकसित भारत के दीर्घकालिक विजन से जोड़कर आगे बढ़ाने की रणनीति पर विचार कर सकती है।
कई बड़े नेता और अधिकारी होंगे शामिल
गुरुवार को होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक को विकसित भारत 2047 की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीति मंच माना जा रहा है, जहां देश के सामाजिक, आर्थिक और मानव विकास से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।











