नई दिल्ली (शनिवार, 31 अक्टूबर 2026)। देश के पहले गृह मंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। 31 अक्टूबर को देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर अमित शाह ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने रियासतों में बंटे भारत को एक सूत्र में बांधकर मजबूत और अखंड राष्ट्र की नींव रखी।
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शी नेतृत्व से देश की एकता को मजबूत किया। उनका योगदान केवल रियासतों के एकीकरण तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने आधुनिक भारत की प्रशासनिक और संस्थागत व्यवस्था को भी मजबूत आधार दिया।
‘1218 दिन में अखंड भारत की रचना की’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि जो काम सभी नेता मिलकर भी एक साथ नहीं कर पाए, उसे सरदार साहब ने महज 1218 दिनों में पूरा कर दिखाया। उन्होंने रियासतों में विभाजित देश को एकजुट कर अखंड भारत की रचना की।
शाह ने कहा कि सरदार पटेल के संकल्प और प्रयासों से तैयार हुआ भारत आज पूरे गौरव के साथ विश्व के सामने खड़ा है। उनके मुताबिक, देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में सरदार पटेल की भूमिका ऐतिहासिक रही है।
अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना से मजबूत हुई प्रशासनिक व्यवस्था
अमित शाह ने सरदार पटेल के प्रशासनिक योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने ऑल इंडिया सर्विसेज यानी अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना कर देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया।
शाह के अनुसार, एकीकृत प्रशासनिक ढांचे के निर्माण में पटेल की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने आधुनिक भारत के संस्थागत विकास में दूरगामी सोच का परिचय दिया, जिसका प्रभाव आज भी देश की शासन व्यवस्था में दिखाई देता है।
खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह से किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी
गृह मंत्री ने सरदार पटेल के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को याद करते हुए खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन आंदोलनों के माध्यम से पटेल ने किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और जनसेवा तथा नेतृत्व का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो आज भी प्रेरणा देता है।
खेड़ा और बारडोली के आंदोलनों ने सरदार पटेल को जननेता के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। किसानों को संगठित करने और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने की उनकी क्षमता ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई मजबूती दी थी।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की प्रेरणा देते रहेंगे सरदार पटेल
अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि सरदार पटेल का त्याग, समर्पण और देशभक्ति प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और देश की एकता को मजबूत करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
गृह मंत्री ने कहा कि सरदार साहब के आदर्श देशवासियों को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने सरदार पटेल को कोटि-कोटि नमन करते हुए राष्ट्रीय एकता दिवस पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं।












