चेन्नई (Sun, 10 May 2026)। तमिलनाडु की राजनीति में नई शुरुआत करते हुए अभिनेता से नेता बने विजय ने रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद कई बड़े और जनहित से जुड़े फैसलों का एलान किया। सत्ता संभालते ही उन्होंने साफ संकेत दे दिए कि उनकी सरकार का फोकस सीधे आम जनता से जुड़े मुद्दों पर रहेगा।
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने अपने पहले आधिकारिक आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें राज्य के लोगों को हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा सबसे प्रमुख रही। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष प्रोटेक्शन फोर्स और हेल्पलाइन शुरू करने का फैसला लिया गया है। वहीं, तमिलनाडु में तेजी से फैल रहे नशीली दवाओं के नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने का भी निर्देश दिया गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय ने अपने पहले ही फैसलों से यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार वादों से ज्यादा जमीन पर काम करने की नीति पर चलेगी। खास बात यह रही कि शपथ ग्रहण के कुछ घंटों के भीतर ही उन्होंने प्रशासनिक प्राथमिकताएं साफ कर दीं।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पानी को बताया सरकार की प्राथमिकता
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार का पूरा ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतों पर रहेगा। उन्होंने किसानों और मछुआरों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य के हर वर्ग के हितों की रक्षा की जाएगी।
विजय ने कहा, “सरकार का काम सिर्फ घोषणाएं करना नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाना है। किसान, मछुआरे, महिलाएं और युवा हमारी प्राथमिकता हैं। तमिलनाडु को विकास और सामाजिक न्याय के नए मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।”
उनके इस बयान को जनता के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। सोशल मीडिया पर भी उनके भाषण और फैसलों की काफी चर्चा रही।
भावुक भाषण से जनता से बनाया सीधा जुड़ाव
विजय ने अपने भाषण की शुरुआत अपने लोकप्रिय तमिल वाक्यांश “एन नेंजिल कुदियिरुक्कुम” से की, जिसे वह अपने फिल्मी करियर के दौरान भी प्रशंसकों से जुड़ने के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं।
अपने संघर्षों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते। उन्होंने खुद को एक आम परिवार का बेटा बताते हुए कहा कि उन्होंने गरीबी, भूख और अपमान को बहुत करीब से देखा है।
मुख्यमंत्री विजय ने कहा, “एक सहायक निर्देशक का बेटा आज मुख्यमंत्री बना है। मैं आपकी तरह संघर्षों से निकला हूं। मैंने जिंदगी में कई मुश्किलें झेली हैं। मैं आपके बेटे और भाई जैसा हूं।”
उनके इस भावुक अंदाज ने समारोह में मौजूद लोगों को काफी प्रभावित किया। राजनीतिक मंच पर विजय का यह मानवीय और भावनात्मक पक्ष लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
पिछली सरकार पर साधा निशाना
अपने पहले भाषण में विजय ने पूर्ववर्ती DMK सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य आर्थिक संकट से गुजर रहा है और नई सरकार को भारी कर्ज के बीच काम शुरू करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और उनकी सरकार जनता के पैसे की बर्बादी नहीं होने देगी। विजय ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार और सरकारी संसाधनों की लूट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने जनता से वादा किया कि उनकी सरकार “वास्तविक धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय” के सिद्धांतों पर काम करेगी।
सहयोगियों को दिया धन्यवाद
मुख्यमंत्री विजय ने अपने राजनीतिक सहयोगियों का भी मंच से आभार जताया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रवीण चक्रवर्ती और वामपंथी नेता एम.ए. बेबी समेत सहयोगी दलों के नेताओं को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विजय का यह कदम विपक्षी गठबंधन को मजबूत संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है। आने वाले दिनों में उनकी सरकार किन नीतियों को जमीन पर उतारती है, इस पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी।













