लखनऊ/04 जून 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की जेल व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के पांच जिलों में नई जेलों का निर्माण करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस परियोजना पर 1400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी और इसके पूरा होने के बाद राज्य की जेलों में बंदियों को रखने की क्षमता में 3031 से अधिक की वृद्धि होगी।
सरकार का मानना है कि कई जिलों की जेलों में क्षमता से कहीं अधिक बंदियों को रखना पड़ रहा है, जिससे प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं। नई जेलों के निर्माण से न केवल भीड़भाड़ कम होगी बल्कि बंदियों के लिए बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
कानपुर नगर में बनेगी सबसे बड़ी नई जेल
कैबिनेट की मंजूरी के तहत कानपुर नगर में जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर नरवल तहसील के सरसौल और हाथीगांव क्षेत्र के पास नई जेल का निर्माण किया जाएगा। यह जेल 120.85 एकड़ भूमि पर विकसित होगी।
वर्तमान में कानपुर जेल की क्षमता 1245 बंदियों की है, जबकि पिछले वर्षों में यहां क्षमता से कहीं अधिक कैदियों को रखा गया। वर्ष 2022 में 2897 और 2023 में 2811 बंदी यहां निरुद्ध रहे थे। इसी दबाव को देखते हुए सरकार ने 2030 बंदियों की क्षमता वाली नई जेल के निर्माण को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 384.05 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुरादाबाद में 2000 बंदियों की क्षमता वाली जेल
मुरादाबाद में सिरसखेड़ा क्षेत्र में 97.15 एकड़ भूमि पर नई जेल बनाई जाएगी। इसकी प्रारंभिक क्षमता 2000 बंदियों की होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाया भी जा सकेगा।
मुरादाबाद जेल की मौजूदा क्षमता 906 बंदियों की है, जबकि वर्ष 2023 में यहां 3721 बंदियों को रखा गया था। लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने 386.91 करोड़ रुपये की लागत से नई जेल निर्माण की मंजूरी दी है।
ललितपुर को मिलेगा आधुनिक जेल परिसर
ललितपुर जिले के बुढ़वार क्षेत्र में 100 एकड़ भूमि पर नई जेल का निर्माण किया जाएगा। इस जेल की क्षमता 552 बंदियों की होगी और भविष्य में इसका विस्तार भी संभव होगा।
फिलहाल ललितपुर जेल में केवल 257 बंदियों को रखने की व्यवस्था है, लेकिन पिछले वर्षों में बंदियों की संख्या लगातार क्षमता से अधिक रही है। नई जेल के निर्माण पर 225.06 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
औरैया में पहली बार बनेगी जिला जेल
औरैया जिले के लिए यह फैसला विशेष महत्व रखता है। यहां अभी तक कोई जिला जेल नहीं है, जिसके कारण बंदियों को इटावा जेल में भेजना पड़ता था। इससे इटावा जेल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता रहा है।
अब गांव शेरपुर सरैया में 60.07 एकड़ भूमि पर 1056 बंदियों की क्षमता वाली नई जेल बनाई जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 264.96 करोड़ रुपये तय की गई है। जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर यह जेल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी।
भदोही में भी बढ़ेगी बंदियों की क्षमता
भदोही जिले के गांव मुंशीलाटपुर में नई जेल का निर्माण किया जाएगा। जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर बनने वाली इस जेल की क्षमता 574 बंदियों की होगी।
वर्तमान में ज्ञानपुर स्थित जेल की क्षमता मात्र 163 बंदियों की है, जबकि हाल के वर्षों में यहां बंदियों की संख्या लगातार क्षमता से कई गुना अधिक रही है। नई जेल के निर्माण पर 209.18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु पर मिलेगा मुआवजा
कैबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जेलों में बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में मुआवजा भुगतान के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई। इसके तहत “उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति” लागू की जाएगी।
जेल मंत्री दारा सिंह चौहान के अनुसार, यदि जेल में आपसी विवाद, हिंसा या इलाज में लापरवाही के कारण किसी बंदी की मृत्यु होती है तो उसके आश्रितों को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं आत्महत्या के मामलों में 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
यह नीति उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है, जिससे मुआवजा वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
जेल व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि नई जेलों का निर्माण उत्तर प्रदेश की जेल व्यवस्था को अधिक प्रभावी और मानवीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल जेलों में भीड़भाड़ कम होगी, बल्कि सुरक्षा, प्रशासन और बंदियों के पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी मजबूती मिलेगी।










