नई दिल्ली/26 अगस्त 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार से लेकर केरल, असम और तमिलनाडु तक कहीं नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है तो कहीं सड़कें पानी में डूब गई हैं। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।
उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के अलावा मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी है। मौसम की मार का असर केवल शहरों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं और कई जगह राहत-बचाव दलों को सक्रिय रहना पड़ रहा है।
Weather Alert: आज कहां-कहां बारिश का अलर्ट?
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल में आज भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में मौसम बिगड़ने और भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव या अन्य परेशानियां पैदा होने की आशंका बनी हुई है।
इसके अलावा उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, नगालैंड, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, दक्षिण कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु और पुडुचेरी में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर से निपटने की है।
काशी में गंगा का जलस्तर बढ़ा, 84 घाट जलमग्न
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लगातार बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर ने स्थिति को मुश्किल बना दिया है। गंगा का पानी बढ़ने से शहर के 84 घाट जलमग्न हो गए हैं। घाटों के आसपास कारोबार करने वाले लोगों पर भी इसका सीधा असर पड़ा है।
बताया जा रहा है कि घाट क्षेत्र के आसपास करीब 5 हजार दुकानें बंद हो गई हैं। धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के लिए मशहूर इन घाटों पर पानी बढ़ने से स्थानीय कारोबार प्रभावित हुआ है।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जहां कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया है। जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बेगूसराय में बाढ़ का खतरा, गंगा खतरे के निशान के ऊपर
बिहार में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। बेगूसराय में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ऐसे में नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय स्थिति बिगड़ने पर 50 हजार से अधिक लोगों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
भागलपुर के राघोपुर गांव में राघोपुर-नरकटिया तटबंध टूटने की घटना ने भी परेशानी बढ़ा दी है। तटबंध टूटने से करीब 10 हजार लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।
उत्तराखंड में कैलाश मानसरोवर मार्ग पर लैंडस्लाइड
पहाड़ी राज्यों में बारिश का असर अलग रूप में दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में मंगलवार, 25 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर धारचूला-गुंजी के पास भूस्खलन हुआ। पहाड़ से मलबा सड़क पर आने के कारण मार्ग बाधित हो गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
सड़क के दोनों ओर यात्रियों और अन्य लोगों के फंसने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, ऐसे में आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।
हिमाचल में भी पहाड़ गिरने से सड़क बंद
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। कोडला-उरई-घरोड़ सड़क पर पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा गिर गया, जिससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई।
पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बीच इस तरह की घटनाएं स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। सड़कें बंद होने से कई इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हो सकता है।
असम में निचले इलाकों में पानी, राहत-बचाव जारी
असम में भी भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह पानी भरने के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
प्रशासन और राहत-बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। लगातार बारिश के कारण स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
यूपी से केरल तक मौसम ने बढ़ाई चिंता
मौसम का मौजूदा मिजाज बताता है कि बारिश का असर एक-दो राज्यों तक सीमित नहीं है। कहीं गंगा जैसी बड़ी नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं, तो पहाड़ों पर भूस्खलन सड़क संपर्क के लिए चुनौती बन रहा है। दूसरी ओर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का दौर जारी है।
ऐसे में Weather Alert के तहत जारी चेतावनियां सिर्फ मौसम की जानकारी नहीं, बल्कि प्रभावित इलाकों के लिए सावधानी का संकेत भी हैं। खासकर नदियों के किनारे और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की जरूरत है।












