नई दिल्ली/13 अगस्त 2026: संसद के मानसून सत्र का समापन गुरुवार को लोकसभा में वंदे मातरम् के पूर्ण गायन के साथ हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राष्ट्रीय गीत के गायन के तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इसके साथ ही कई मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच संसद के इस सत्र का समापन हो गया।
सत्र के आखिरी दिन भी सदन के बाहर और भीतर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही। विपक्षी सांसदों ने सुबह संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। वहीं, सदन की कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ओम बिरला ने सभी सदस्यों से वंदे मातरम् के सम्मान में खड़े होने का आग्रह किया। गीत समाप्त होते ही लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
मानसून सत्र में लगातार बना रहा गतिरोध
मानसून सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी। पूरे सत्र के दौरान विपक्ष ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर कथित पुलिस कार्रवाई समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। इन मुद्दों पर चर्चा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर दोनों सदनों में कई बार हंगामे की स्थिति बनी।
विपक्ष की ओर से अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चंदे के विवाद समेत अन्य विषयों को भी सदन में उठाने की मांग की गई। लगातार बने इस राजनीतिक टकराव का असर संसद के कामकाज पर भी दिखाई दिया।
19 विधेयक पारित, सात बिना चर्चा के
संसदीय कामकाज के लिहाज से भी यह सत्र चर्चा में रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, संसद ने इस मानसून सत्र में कम से कम 19 विधेयक पारित किए। इनमें सात विधेयक ऐसे रहे जिन्हें बिना चर्चा के कुल 36 मिनट में पारित किया गया।
सत्र के अंतिम चरण में केरल का नाम बदलकर ‘केरलम्’ करने से संबंधित विधेयक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) से जुड़ा संशोधन विधेयक भी पारित किए गए। ऐसे में सरकार ने विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने पर जोर दिया, जबकि विपक्ष ने चर्चा के अवसर कम मिलने और विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने को लेकर विरोध दर्ज कराया।
राज्यसभा में खरगे के ‘शुद्धिकरण’ आरोप पर हंगामा
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी आखिरी दिन राजनीतिक टकराव देखने को मिला। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनके 8 अगस्त के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ की रस्म का मुद्दा उठाया।
खरगे ने आरोप लगाया कि उनके कार्यक्रम के बाद आयोजन स्थल को ‘पवित्र’ करने के लिए अनुष्ठान किया गया और इसके पीछे भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका थी। उन्होंने इसे सामाजिक और जातिगत भेदभाव से जोड़ते हुए सदन में सवाल उठाया।
भाजपा नेता जेपी नड्डा ने आरोपों को लेकर कहा कि पार्टी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने मामले की जांच कराए जाने की बात भी कही। इस मुद्दे पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
वंदे मातरम् के साथ हुआ सत्र का समापन
आखिरी दिन की तस्वीर में संसद की राजनीतिक हलचल और औपचारिक समापन, दोनों एक साथ दिखाई दिए। एक ओर विपक्ष अपने मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने में जुटा रहा, तो दूसरी ओर सदन की कार्यवाही वंदे मातरम् के गायन के साथ समाप्त हुई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की घोषणा के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। यानी अब अगली बैठक की तारीख के साथ संसद का अगला सत्र निर्धारित होगा।












