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FASTag वार्षिक पास: 6 महीने में 50 लाख यूजर्स, 26.55 करोड़ लेनदेन ने बदली टोल यात्रा की तस्वीर

On: February 9, 2026
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FASTag वार्षिक पास, 6 महीने में 50 लाख यूजर्स
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नई दिल्ली, 09 फरवरी 2026। राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोज़ाना सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए FASTag वार्षिक पास अब केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि व्यवहारिक राहत का साधन बन चुका है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना के शुरू होने के सिर्फ छह महीनों के भीतर इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 लाख के पार पहुंच गई है। इसी अवधि में 26.55 करोड़ से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए—जो यह बताने के लिए काफी हैं कि टोल भुगतान की आदतें किस तेजी से बदली हैं।

यह सुविधा 15 अगस्त, 2025 को राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को वित्तीय राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। मकसद साफ था—बार-बार टोल देने की झंझट और लागत, दोनों को कम करना।

कैसे काम करता है FASTag वार्षिक पास

यह पास देशभर के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर मान्य है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर स्थित हैं। उपयोगकर्ता 3,000 रुपये की एकमुश्त राशि देकर:

  • एक वर्ष की वैधता पाते हैं या
  • 200 टोल क्रॉसिंग तक बिना अतिरिक्त भुगतान के गुजर सकते हैं

यानी नियमित यात्रियों के लिए यह मॉडल सीधे-सीधे बचत और समय—दोनों की गारंटी देता है।

उपयोग में चंडीगढ़ नंबर-1, तमिलनाडु और दिल्ली पीछे-पीछे

मंत्रालय के अनुसार, FASTag वार्षिक पास के इस्तेमाल में चंडीगढ़ देशभर में सबसे आगे है। यहां से कुल वार्षिक पास लेनदेन का 14% दर्ज हुआ। इसके बाद:

  • तमिलनाडु12.3%
  • दिल्ली11.5%

यह रुझान बताता है कि जहां शहरी-राजमार्ग यातायात अधिक है, वहां इस पास को तेजी से अपनाया गया है।

बिजवासन टोल प्लाजा बना मिसाल

दिल्ली-एनसीआर स्थित बिजवासन टोल प्लाजा ने उपयोग के मामले में अलग ही रिकॉर्ड बनाया। यहां कुल वाहन क्रॉसिंग का लगभग 57% हिस्सा FASTag वार्षिक पास के जरिए हुआ। यह आंकड़ा दिखाता है कि यदि मार्ग नियमित हो, तो वार्षिक पास कितना प्रभावी साबित हो सकता है।

क्यों बढ़ी इतनी तेज़ी से लोकप्रियता?

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस योजना की सफलता के पीछे तीन बड़े कारण हैं:

  1. आर्थिक बचत – नियमित यात्रियों के लिए टोल खर्च में स्पष्ट कमी
  2. समय की बचत – रुकावट कम, ट्रैफिक फ्लो बेहतर
  3. सरल प्रक्रिया – मौजूदा FASTag से ही सुविधा सक्रिय

टोल प्लाजा पर लंबी कतारें, बार-बार भुगतान, और कैश/रिचार्ज की चिंता—इन सब से राहत ने इसे व्यावहारिक विकल्प बना दिया।

टोल सिस्टम में व्यवहारिक बदलाव का संकेत

26.55 करोड़ लेनदेन सिर्फ एक संख्या नहीं है; यह संकेत है कि देश में डिजिटल टोल भुगतान अब आदत बन चुका है। FASTag वार्षिक पास ने इस आदत को एक कदम आगे बढ़ाया है—जहां सुविधा, बचत और गति, तीनों साथ मिलते हैं।

नीति के स्तर पर देखें तो यह पहल राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को प्रत्यक्ष राहत देने के साथ-साथ टोल प्रबंधन को भी अधिक सुचारु बनाती है।

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