नई दिल्ली|18 जून 2026: PM मोदी G7 शिखर सम्मेलन की यात्रा अब सिर्फ कूटनीतिक बैठकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसकी झलकियों ने दुनिया के सामने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी रेखांकित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन की अपनी यात्रा का एक वीडियो साझा किया, जिसमें विश्व नेताओं के साथ उनकी मुलाकातें, अनौपचारिक बातचीत और वैश्विक मुद्दों पर संवाद की तस्वीरें दिखाई दीं।
वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न देशों के नेताओं के साथ सहज और आत्मीय अंदाज में देखा जा सकता है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनकी मुस्कान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत के दृश्य विशेष रूप से चर्चा में हैं। इन तस्वीरों ने एक बार फिर यह संकेत दिया कि वैश्विक मंचों पर भारत की उपस्थिति अब पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली और निर्णायक होती जा रही है।
PM मोदी G7 शिखर सम्मेलन की झलकियां हुईं वायरल
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन सफल और सार्थक रहा। उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रमुख नेताओं ने एक साथ बैठकर उन चुनौतियों और मुद्दों पर चर्चा की, जो पूरी मानवता और पृथ्वी के भविष्य से जुड़े हैं।
उनकी पोस्ट के साथ साझा किए गए वीडियो में सम्मेलन के औपचारिक कार्यक्रमों के अलावा कई अनौपचारिक क्षण भी शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बढ़ते विश्वास और सहयोग को दर्शाते हैं।
AI पर भारत ने रखा मानव-केंद्रित दृष्टिकोण
एवियन में आयोजित आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने “एआई के सुरक्षित, तेज और कुशल कार्यान्वयन” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आने वाले वर्षों में मानव सभ्यता की दिशा बदल सकती है, लेकिन इसका विकास मानव हितों और सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखकर होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का एआई मॉडल समावेशन, सुरक्षा और सार्वजनिक हित के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने हाल ही में AI Impact Summit की मेजबानी भी की थी, जहां तकनीक को मानव सशक्तिकरण के साधन के रूप में देखने पर जोर दिया गया था।
एआई विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के चार बड़े सुझाव
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने एआई के जिम्मेदार विकास और उपयोग के लिए चार महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
पहला, एआई सिस्टम को शुरुआत से ही सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जाए। दूसरा, इसके उपयोग के लिए साझा वैश्विक मानक, परीक्षण ढांचे और नियामक दिशानिर्देश तैयार किए जाएं।
तीसरा, डीपफेक, साइबर धोखाधड़ी और गलत सूचनाओं जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए देशों के बीच प्रभावी सहयोग बढ़ाया जाए। चौथा, एआई के लाभ केवल विकसित देशों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों तक भी समान रूप से पहुंचें।
वैश्विक मंच पर मजबूत हो रही भारत की भूमिका
G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय भागीदारी और विश्व नेताओं के साथ उनके संवाद को भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है। बीते कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, वैश्विक दक्षिण की आवाज और तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर भारत ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
एवियन से सामने आई तस्वीरें और वीडियो केवल एक कूटनीतिक यात्रा की यादें नहीं हैं, बल्कि यह उस बदलते वैश्विक परिदृश्य की झलक भी हैं, जहां भारत अब सिर्फ सहभागी नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण चर्चाओं का नेतृत्व करने वाले देशों में शामिल हो चुका है।












