नई दिल्ली|23 जून 2026: भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए 1 जुलाई से कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो सकते हैं। केंद्र सरकार द्वारा ‘जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026’ के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 में किए गए संशोधनों के बाद जुर्माने और दंड से जुड़े नियमों को और सख्त बनाने की तैयारी है। इसका सीधा असर बिना टिकट यात्रा करने वालों, किसी दूसरे के टिकट पर सफर करने वालों, रेलवे परिसर में अनधिकृत गतिविधियां करने वालों और महिलाओं के आरक्षित कोच में प्रवेश करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को इस संबंध में जानकारी भेज दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद संशोधित प्रावधानों को अलग अधिसूचना जारी कर लागू किया जाएगा। संभावना है कि ये बदलाव 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो जाएं।
रेलवे के नए नियम के तहत बिना टिकट यात्रा होगी महंगी
सबसे बड़ा बदलाव बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए प्रस्तावित है। अब तक ऐसे मामलों में न्यूनतम 250 रुपये जुर्माने का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 500 रुपये किए जाने का प्रस्ताव है।
यदि कोई यात्री बिना टिकट, गलत टिकट या पहले से इस्तेमाल किए जा चुके टिकट पर यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे न केवल पूरा किराया चुकाना होगा, बल्कि अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार जुर्माना न भरने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।
दूसरे के टिकट पर सफर करना भी पड़ेगा भारी
रेलवे रिजर्वेशन प्रणाली में फर्जीवाड़े और टिकटों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी नियम सख्त किए जा रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे यात्री के नाम पर जारी टिकट का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसका टिकट जब्त किया जा सकता है।
ऐसे मामलों में यात्री से किराया और अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा, जिसमें न्यूनतम 500 रुपये का भुगतान अनिवार्य हो सकता है। रेलवे का मानना है कि इससे टिकटों की खरीद-फरोख्त और गलत इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगेगी।
ट्रेन और स्टेशन पर अनधिकृत बिक्री या भीख मांगने पर सख्ती
रेलवे परिसर को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बिना अनुमति सामान बेचने और भीख मांगने वालों के खिलाफ भी कड़े प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं।
नए नियमों के तहत रेलवे स्टेशन या ट्रेन के भीतर अनधिकृत रूप से सामान बेचने अथवा भीख मांगते पाए जाने पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने वालों को एक वर्ष तक की जेल की सजा का भी सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा रेलवे परिसर में उपद्रव, अभद्र व्यवहार या नशे की हालत में यात्रियों को परेशान करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
महिलाओं के कोच में प्रवेश पर 2500 रुपये तक जुर्माना
महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के लिए आरक्षित कोच, सीट या बर्थ के दुरुपयोग पर भी कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार यदि कोई पुरुष यात्री महिलाओं के लिए आरक्षित कोच या सीट पर अनधिकृत रूप से बैठा पाया जाता है, तो उस पर 2,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। रेलवे अधिकारियों को ऐसे यात्रियों को तत्काल वहां से हटाने का अधिकार भी होगा।
रेलवे का मानना है कि इससे महिलाओं के लिए सुरक्षित यात्रा वातावरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और आरक्षित सुविधाओं का सही उपयोग हो सकेगा।
यात्रियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं ये बदलाव?
भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है, जहां हर दिन करोड़ों लोग सफर करते हैं। ऐसे में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना रेलवे की प्राथमिकता बन गया है।
यदि ये संशोधन 1 जुलाई से लागू होते हैं, तो यात्रियों को टिकट, पहचान और यात्रा नियमों को लेकर पहले से अधिक सतर्क रहना होगा। खासतौर पर रिजर्व टिकट, महिला कोच और रेलवे परिसर में गतिविधियों से जुड़े नियमों की अनदेखी अब सीधे जेब पर भारी पड़ सकती है।









