नई दिल्ली, 01 जुलाई 2026। मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला बुधवार को सामने आया, जब केंद्र सरकार ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए कुल 14,115 करोड़ रुपये की सड़क अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और बुंदेलखंड क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना, यात्रा का समय घटाना और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देना है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों परियोजनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित होंगी।
मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: दिल्ली में बनेगी 8.1 किलोमीटर लंबी सुरंग
कैबिनेट ने NH-148AE पर छह लेन की आधुनिक सड़क सुरंग के निर्माण को मंजूरी दी है। यह सुरंग दिल्ली के द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से सीधे जोड़ेगी।
करीब 8.1 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 6,969.67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस सुरंग के बनने से दक्षिण-पश्चिम दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा, यात्रा अधिक सुगम बनेगी और एयरपोर्ट व प्रमुख मार्गों तक पहुंच बेहतर होगी।
उत्तर प्रदेश को 7,145 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात
मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला उत्तर प्रदेश के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (NH-34) के कानपुर-कबरई सेक्शन के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
यह परियोजना 117.7 किलोमीटर लंबे 4/6 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के रूप में विकसित की जाएगी। इसकी अनुमानित लागत 7,145.14 करोड़ रुपये तय की गई है।
सरकार के अनुसार, इस परियोजना से कानपुर और बुंदेलखंड क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क और अधिक तेज एवं सुरक्षित होगा। साथ ही औद्योगिक, कृषि और माल परिवहन गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
सड़क नेटवर्क को मिलेगा नया विस्तार
केंद्र सरकार का कहना है कि इन दोनों परियोजनाओं का उद्देश्य केवल नई सड़कें बनाना नहीं, बल्कि देश के प्रमुख आर्थिक गलियारों को अधिक सक्षम बनाना भी है। बेहतर हाईवे और आधुनिक कनेक्टिविटी से यात्रा का समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली की सुरंग परियोजना राजधानी में यातायात प्रबंधन को मजबूत करेगी, जबकि उत्तर प्रदेश का कानपुर-कबरई सेक्शन बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास और निवेश को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इन दोनों परियोजनाओं की मंजूरी के साथ केंद्र सरकार ने एक बार फिर सड़क अवसंरचना को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है, जिससे आने वाले वर्षों में दिल्ली और उत्तर प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।












