राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

G7 Summit 2026: 16 महीने बाद आमने-सामने आए पीएम मोदी और ट्रंप, वैश्विक मंच पर दिखी मजबूत कूटनीतिक

On: June 16, 2026
Follow Us:
G7 Summit 2026, 16 महीने बाद आमने-सामने आए पीएम मोदी और ट्रंप
---Advertisement---

फ्रांस|16 जून 2026: फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन-ले-बैंस में आयोजित 52वें जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मंगलवार को दुनिया की नजरें उस पल पर टिक गईं, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करीब 16 महीने बाद आमने-सामने आए। वैश्विक नेताओं के बीच हुई यह संक्षिप्त लेकिन गर्मजोशी भरी मुलाकात कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत भी की। यह उनकी फरवरी 2025 के बाद पहली प्रत्यक्ष मुलाकात मानी जा रही है।

हालांकि बातचीत का आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह मुलाकात बुधवार को प्रस्तावित औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता की भूमिका तैयार करने वाली रही। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रणनीतिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे इस बैठक के केंद्र में रह सकते हैं।

व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर टिकी दुनिया की नजर

पिछले कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के संबंधों में कई अहम मुद्दे चर्चा में रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है, जबकि शुल्क और बाजार पहुंच से जुड़े कुछ मतभेद भी सामने आए हैं। ऐसे में मोदी ट्रंप मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि द्विपक्षीय बैठक में आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी, तकनीकी निवेश और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है। भारत और अमेरिका पिछले कुछ वर्षों में एक-दूसरे के प्रमुख रणनीतिक साझेदार के रूप में उभरे हैं।

समुद्री सुरक्षा और पश्चिम एशिया की स्थिति भी अहम

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति वैश्विक चिंता का विषय बनी हुई है। भारत के लिए यह क्षेत्र ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। जी7 मंच भारत को अपनी चिंताओं और हितों को प्रमुख वैश्विक शक्तियों के सामने रखने का अवसर प्रदान कर रहा है।

समुद्री मार्गों की सुरक्षा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा स्थिरता जैसे मुद्दे भी आगामी चर्चाओं में प्रमुखता से उभर सकते हैं। भारत लगातार मुक्त, सुरक्षित और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था की वकालत करता रहा है।

जी7 सम्मेलन में भारत की बढ़ती भूमिका

इस वर्ष जी7 शिखर सम्मेलन 15 से 17 जून तक फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित किया जा रहा है। भारत को एक साझेदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन के दौरान कई विश्व नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और वैश्विक दक्षिण (Global South) की प्राथमिकताओं को भी प्रमुखता से उठा रहे हैं।

कूटनीति के नए संकेत

जी7 के मंच पर हुई मोदी ट्रंप मुलाकात केवल एक औपचारिक अभिवादन नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे भारत-अमेरिका संबंधों में आगे की दिशा तय करने वाले संकेत के रूप में देखा जा रहा है। बदलते वैश्विक समीकरणों, आर्थिक चुनौतियों और सुरक्षा चिंताओं के बीच दोनों देशों की साझेदारी आने वाले वर्षों में और महत्वपूर्ण हो सकती है।

बुधवार को प्रस्तावित औपचारिक बैठक से यह स्पष्ट होगा कि नई वैश्विक परिस्थितियों में नई दिल्ली और वाशिंगटन अपने सहयोग को किस दिशा में आगे बढ़ाना चाहते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now