18 जून 2026|नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी, सीमा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है।
India-US Partnership को मजबूत करने पर जोर
नई दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय में हुई इस बैठक को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठक के बाद सर्जियो गोर ने इसे बेहद सकारात्मक और सार्थक बताया। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि दोनों देशों के नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
गौरतलब है कि जनवरी 2026 में भारत में अमेरिकी राजदूत का पदभार संभालने के बाद सर्जियो गोर की अमित शाह के साथ यह पहली औपचारिक मुलाकात थी।
ड्रग्स तस्करी के खिलाफ साझा कार्रवाई पर चर्चा
बैठक में अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई प्रमुख विषयों में शामिल रही। अमित शाह ने भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उल्लेख करते हुए बताया कि हाल के वर्षों में कई बड़े ड्रग्स कार्टेल पर सफल कार्रवाई की गई है। भारतीय एजेंसियों द्वारा जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर अमेरिका में सक्रिय कुछ नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ और कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
दोनों नेताओं ने माना कि मादक पदार्थों की तस्करी अब केवल किसी एक देश की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय चुनौती बन चुकी है। ऐसे में खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने का भरोसा
बैठक के दौरान अमित शाह ने आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं को अमेरिकी पक्ष के सामने रखा। उन्होंने कहा कि सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद और उससे जुड़े नेटवर्क वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।
सर्जियो गोर ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को समझते हुए आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने का आश्वासन दिया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि आतंकवादी गतिविधियों और उनके वित्तीय नेटवर्क पर संयुक्त कार्रवाई भविष्य में और प्रभावी बनाई जाएगी।
वांछित अपराधियों की प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर भी हुई चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बातचीत में उन आरोपियों का मुद्दा भी उठा जो भारत में वांछित हैं लेकिन वर्तमान में अमेरिका में रह रहे हैं। दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए कानूनी और संस्थागत सहयोग को और मजबूत किया जाना चाहिए।
बैठक में यह संदेश भी स्पष्ट रूप से सामने आया कि भारत और अमेरिका केवल रणनीतिक साझेदार ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी एक-दूसरे के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं।
India-US Partnership का बढ़ता महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में India-US Partnership केवल आर्थिक और रक्षा सहयोग तक सीमित नहीं रही है। आतंकवाद, साइबर अपराध, सीमा सुरक्षा और ड्रग्स तस्करी जैसे मुद्दों पर बढ़ता समन्वय दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे रहा है। अमित शाह और सर्जियो गोर की यह बैठक भी इसी व्यापक सहयोग का एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।













