नई दिल्ली|16 जून 2026: भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को चयनित अभ्यर्थियों की UPSC मेरिट सूची श्रेणीवार सार्वजनिक करने की सलाह दी है। आयोग का मानना है कि भर्ती से जुड़ी अधिक से अधिक जानकारी स्वतः सार्वजनिक होने से अभ्यर्थियों का भरोसा बढ़ेगा और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दाखिल होने वाले आवेदनों की संख्या भी कम होगी।
मामला दिल्ली सरकार के योजना विभाग में उप निदेशक (योजना/सांख्यिकी) पद पर भर्ती से जुड़ा है। एक अभ्यर्थी ने चयन प्रक्रिया के दौरान तैयार की गई प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) और साक्षात्कार में उम्मीदवारों को मिले अंकों की जानकारी मांगी थी। हालांकि, संबंधित सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके बाद मामला केंद्रीय सूचना आयोग तक पहुंचा।
भर्ती से जुड़ी अहम जानकारी सार्वजनिक करने की सिफारिश
सूचना आयुक्त जया वर्मा सिन्हा ने आरटीआई अधिनियम की धारा 25(5) के तहत यूपीएससी को सलाह देते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। आयोग ने विशेष रूप से चयनित अभ्यर्थियों के नाम, श्रेणीवार UPSC मेरिट सूची, उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंक और रिक्त पदों को भरने के क्रम जैसी जानकारियों को सार्वजनिक करने पर जोर दिया।
आयोग के अनुसार, अनारक्षित, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और दिव्यांग (PwD) श्रेणियों के तहत चयनित उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जानी चाहिए। इससे चयन प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों और भ्रम की स्थिति को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
सूचना रोकने के तरीके पर आयोग की नाराजगी
सुनवाई के दौरान आयोग ने यूपीएससी द्वारा आरटीआई आवेदन के निस्तारण के तरीके पर असंतोष व्यक्त किया। सीआईसी ने स्पष्ट कहा कि किसी सूचना को केवल “गोपनीय” बताकर रोका नहीं जा सकता, जब तक कि उसे कानून के तहत अपवाद का संरक्षण प्राप्त न हो।
आयोग ने वेटिंग लिस्ट से जुड़ी जानकारी उपलब्ध न कराने को कानूनी दृष्टि से उचित नहीं माना और केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (CPIO) को निर्देश दिया कि आवेदक को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई जाए। साथ ही भविष्य में ऐसे मामलों में अधिक सावधानी बरतने की चेतावनी भी दी गई।
अभ्यर्थियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि UPSC मेरिट सूची और चयन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी नियमित रूप से सार्वजनिक की जाती है, तो उम्मीदवारों को चयन के मानदंडों को समझने में आसानी होगी। इससे भर्ती प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और सरकारी संस्थानों में विश्वास भी मजबूत होगा।
सीआईसी की यह सलाह ऐसे समय में आई है जब प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। ऐसे में यह कदम भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मानक साबित हो सकता है।











