नई दिल्ली/4 सितंबर 2026। नेपाल में पिछले महीने आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद तबाही का असर अब भी दिखाई दे रहा है। कई भारतीय परिवार अपने परिजनों की खबर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, नेपाल में 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। भारत सरकार उनकी तलाश और स्थिति का पता लगाने के लिए नेपाल के स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि भारत सरकार नेपाल सरकार के स्थानीय विभागों और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है। इसके साथ ही उन भारतीय राज्यों की सरकारों से भी समन्वय किया जा रहा है, जहां से लोग नेपाल गए थे। उद्देश्य लापता भारतीय नागरिकों से जुड़ी सूचनाएं जुटाना और खोज एवं राहत अभियान में हर संभव मदद करना है।
आपदा के बाद समय बीतने के साथ लापता लोगों के परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है। ऐसे में भारतीय और नेपाली एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण हो गया है।
नेपाल बाढ़ में 166 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया
रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में चीन के रास्ते 1,907 भारतीय नागरिक प्रवेश कर चुके थे। इनमें से अब चीन की ओर कोई भारतीय नागरिक नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित इलाकों से 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है और सभी अपने घर लौट चुके हैं।
प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन की ओर से 49 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना दी गई थी। ये सभी 49 लोग भारत की ओर से जारी 275 लापता भारतीयों की सूची में शामिल हैं। इस तरह अलग-अलग स्रोतों से सामने आई सूचनाओं को एक साथ मिलाकर स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
नेपाल में अब तक 1,287 मौतों की पुष्टि
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर जान-माल को नुकसान पहुंचाया है। नेपाल सरकार की एजेंसी एनडीआरआरएमए के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1,287 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं करीब 5,083 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
लापता लोगों में लगभग 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार सबसे अधिक शव चितवन, नवलपरासी, नुवाकोट और रसुवा जिलों से बरामद हुए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान अभी जारी है और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
भारत ने नेपाल के लिए जारी रखा राहत अभियान
नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारत लगातार राहत और बचाव प्रयासों में सहयोग कर रहा है। भारत की ओर से राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और विशेष बचाव दल नेपाल भेजे जा रहे हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास भी लापता लोगों की खोज, पहचान और उनके परिजनों तक जानकारी पहुंचाने के काम में जुटा है।
नेपाल की ओर से भारत, चीन और अमेरिका से जलवायु परिवर्तन में उनके योगदान के आधार पर मुआवजे की मांग किए जाने से जुड़े सवाल पर जायसवाल ने कहा कि भारत एक करीबी मित्र के तौर पर नेपाल को आवश्यक सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने जलवायु परिवर्तन को पूरी दुनिया के सामने मौजूद चुनौती बताते हुए कहा कि इससे निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा। जायसवाल ने यह भी कहा कि विकसित देशों ने ऐतिहासिक रूप से सबसे अधिक प्रदूषण किया है, इसलिए उत्सर्जन कम करने के वैश्विक प्रयासों में नेतृत्व की उनकी विशेष जिम्मेदारी है।
नेपाल की इस आपदा में भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए चल रहे प्रयास ऐसे समय में जारी हैं, जब राहत कार्य के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के लिए हर नई सूचना बेहद महत्वपूर्ण बन गई है। भारत का कहना है कि वह अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने और नेपाल को मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए समन्वय जारी रखेगा।












