24 जून 2026|लखनऊ: उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। बेंगलुरु दौरे के दौरान उन्होंने दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी और निवेश कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर प्रदेश के विकास मॉडल, डिजिटल परिवर्तन और निवेश संभावनाओं को सामने रखा। इस दौरान कई वैश्विक कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में तेजी से बदल रहे कारोबारी माहौल और विकास की रफ्तार की खुलकर सराहना की।
बेंगलुरु में आयोजित निवेशक संवाद और राउंड टेबल बैठकों के केंद्र में एक स्पष्ट लक्ष्य था— तकनीक के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना, युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित करना और उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक बाजारों से जोड़ना।
गूगल के साथ डिजिटल भविष्य पर हुई अहम चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गूगल क्लाउड के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर तरुण पंत और उनकी टीम के साथ बैठक की। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा आधारित प्रशासन और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिकों तक सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाना है। बैठक में उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक तकनीकी मंचों से जोड़ने और नई पीढ़ी के उद्यमियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।
गूगल ने सराहा सीएम योगी का विकास दृष्टिकोण
बैठक के दौरान गूगल के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश सरकार की विकास रणनीति और तकनीक आधारित सोच की प्रशंसा की। कंपनी के अधिकारियों का मानना था कि प्रदेश सरकार ने किसानों, युवाओं और स्टार्टअप सेक्टर के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किए हैं, उन्हें एआई और डिजिटल तकनीकों की मदद से और अधिक प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।
गूगल टीम ने उत्तर प्रदेश के साथ तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने और डिजिटल परिवर्तन की प्रक्रिया में भागीदार बनने की प्रतिबद्धता भी जताई। इससे प्रदेश में उभरते टेक सेक्टर को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
Nvidia, Blackstone और अन्य उद्योग दिग्गजों से भी मुलाकात
गूगल के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई वैश्विक निवेश और तकनीकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। इनमें वेस्टब्रिज कैपिटल के संदीप सिंघल, एक्सेल पार्टनर्स के प्रशांत प्रकाश, इनमोबी के पीयूष शाह, यूलू के अमित गुप्ता, एनवीडिया दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक विशाल धूपर और ब्लैकस्टोन के प्रतिनिधि शामिल रहे।
बैठकों के दौरान उद्योग जगत के नेताओं ने उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल नीतियों की सराहना की। उनका कहना था कि प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में निवेश आकर्षित करने के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद वातावरण तैयार किया है।
निवेश और नवाचार का नया केंद्र बनता उत्तर प्रदेश
एक समय केवल बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश अब तकनीक, स्टार्टअप और औद्योगिक निवेश के नए केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, औद्योगिक कॉरिडोर, डेटा सेंटर नीति और डिजिटल फ्रेंडली प्रशासनिक व्यवस्था ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
बेंगलुरु में आयोजित यह निवेशक संवाद केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने यह संकेत भी दिया कि उत्तर प्रदेश अब देश की आर्थिक और तकनीकी विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाने की तैयारी कर चुका है।
युवाओं, किसानों और एमएसएमई पर रहेगा विशेष फोकस
प्रदेश सरकार की रणनीति केवल बड़े निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य तकनीक आधारित विकास के जरिए किसानों की उत्पादकता बढ़ाना, स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर तैयार करना भी है।
यही वजह है कि बेंगलुरु में हुई इन बैठकों को उत्तर प्रदेश के डिजिटल और औद्योगिक भविष्य की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। यदि प्रस्तावित सहयोग योजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी और एआई इकोसिस्टम में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।








