लखनऊ|23 जून 2026: अलीगंज में हुए भीषण कोचिंग अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में अवैध निर्माणों और नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रही इमारतों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को तलब कर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने उपाध्यक्ष को मंगलवार शाम पांच बजे रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने के लिए कहा है। इस रिपोर्ट में राजधानी के सभी सात जोनों में 1 जनवरी 2026 से अब तक जारी किए गए सील नोटिस, उन पर की गई कार्रवाई और ध्वस्तीकरण अभियानों का पूरा विवरण शामिल करने को कहा गया है।
लखनऊ अग्निकांड ने खड़े किए कई सवाल
सोमवार को अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस इमारत में आग लगी, वहां कोचिंग सेंटर के अलावा पेट शॉप, क्लीनिक और एनिमेशन सेंटर जैसी गतिविधियां भी संचालित की जा रही थीं।
घटना के बाद भवन की वैधता, सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यही वजह है कि सरकार अब केवल हादसे की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऐसे सभी निर्माणों की जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
सीएम योगी ने मांगी सीलिंग और ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जानकारी
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह जानना चाहा है कि राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ कितने नोटिस जारी किए गए, उनमें से कितनों पर वास्तविक कार्रवाई हुई और कितने मामलों में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।
प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यह समीक्षा केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है।
SIT जुटा रही वैज्ञानिक साक्ष्य
हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। मंगलवार को SIT और विशेषज्ञ टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
जांच एजेंसियां आग लगने के वास्तविक कारण, भवन में सुरक्षा मानकों की स्थिति और प्रशासनिक स्तर पर संभावित चूक की पड़ताल कर रही हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
राजधानी में बढ़ सकती है अवैध निर्माणों पर कार्रवाई
लखनऊ अग्निकांड के बाद राजधानी समेत प्रदेश के अन्य शहरों में भी प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक भवनों और बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच तेज कर दी गई है।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में अवैध निर्माण, नक्शा उल्लंघन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले भवनों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा सकता है। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद विकास प्राधिकरणों और स्थानीय प्रशासन पर भी कार्रवाई की रफ्तार बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है।
अलीगंज की यह त्रासदी अब केवल एक हादसे की जांच तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि शहरी नियोजन, भवन सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बड़े स्तर पर समीक्षा का कारण बनती दिखाई दे रही है।












